देश में इस वक्त ऑक्सीजन की भारी किल्लत चल रही है। दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्य केंद्र सरकार से गुहार लगा रहे हैं। सरकार अब विदेश से ऑक्सीजन मंगाने की तैयारी कर रही है। विदेशों से वायुसेना के परिवहन विमान ऑक्सीजन कंटेनर लाएंगे और वायुसेना के ही विमानों से देशभर में ऑक्सीजन पहुंचाई जाएगी। देश में कोरोना संकट के बीच विदेश से ऑक्सीजन कंटेनर लाने और देश में वितरण के लिए अब वायुसेना की तैनाती की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि ऑक्सीजन ले जाने के लिए उपयोग किए जाने वाले कंटेनरों की बढ़ती कमी के कारण ट्रांसपोर्टेशन एक बड़ी समस्या है। ऐसे में वायुसेना की मदद से ऑक्सीजन सप्लाई को तेज करके कोरोना संकट से निपटने के लिए देश में ऑक्सीजन की आपूर्ति में मदद मिलेगी।
फिलहाल केंद्र ने दिल्ली के लिए बुधवार को 378 मीट्रिक टन से रोजाना का कोटा बढ़ाकर 480 मीट्रिक टन कर दिया।दिल्ली के एक अस्पताल में ऑक्सीजन के कमी के मुद्दे पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई और उद्योगों को ऑक्सीजन की आपूर्ति तत्काल रोकने के निर्देश दिए हैं। बेंगलुरु से रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के ऑक्सीजन कंटेनरों को एयरलिफ्ट करके दिल्ली लाये जाने की भी तैयारी है। इसके अलावा डीआरडीओ के कोविड अस्पताल के लिए कोच्चि, मुंबई, विजाग और बेंगलुरु से डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, ऑक्सीजन सिलेंडर, उपकरण और दवाओं को एयरलिफ्ट करके दिल्ली लाया जायेगा।
कोरोना की दूसरी लहर में बढ़ते कोविड के संक्रमण के मद्देनजर सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी के तहत इस बार स्वदेशी लड़ाकू विमान एलसीए तेजस में ऑक्सीजन पैदा करने वाली तकनीक प्राइवेट इंडस्ट्री को सौंप दी गई है जिससे देश के अस्पतालों में तेजी से ऑक्सीजन सप्लाई हो सकेगी। इस तकनीक से एक मिनट में 1000 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा सकता है। देश में कोरोना से लड़ने के लिए अब सेना और रक्षा संस्थान भी युद्धस्तर पर जुट गए हैं। केंद्र सरकार अब देश भर के सैन्य अस्पताल आम जनता के लिए खोलने पर विचार कर रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बारे में सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे से बात करके सेना से आम लोगों के लिए सैन्य अस्पताल खोलने के लिए कहा है।



