नई दिल्ली: बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही राजनीति, आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। इस बीच शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था और विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ा जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर मुद्दे कम पड़ जाएं तो मुंबई से मुद्दों को पार्सल किया जा सकता है। राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, बिहार में चुनाव विकास, कानून व्यवस्था, और सुशासन के मुद्दों पर लड़ा जाना चाहिए, लेकिन अगर ये मुद्दे समाप्त हो गए हैं, तो मुंबई से मुद्दों को पार्सल के रूप में भेजा जा सकता है। उन्होंने जिन मुद्दों को उठाया है उससे यह साफ होता है कि उनका निशाना सत्तारूढ़ एनडीए पर था।
संजय राउत की नजरे इन दिनों बिहार चुनाव पर टिकी हुई हैं। वे लगातार बयानबाजी कर एनडीए पर निशाना साध रहे हैं। चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले उन्होंने कहा था कि क्या कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच राज्य में बिधानसभा चुनाव कराना सही निर्णय होगा? उन्होंने सवाल किया, क्या अब कोरोना वायरस की महमारी समाप्त हो गई है? क्या चुनाव कराने के लिए स्थिति ठीक है?’
उन्होंने मोदी सरकार के किसान बिल और बिहार चुनाव को जोड़ते हुए कहा कि संसद में पारित कृषि विधेयकों का बिहार चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ने वाला, क्योंकि राज्य में जाति और मजहब के आधार पर चुनाव होगा। जब उनसे चुनाव में सुशांत की मौत का मुद्दा बनने पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी के पास विकास और सुशासन पर बोलने के लिए कुछ नहीं है।
वहीं, दूसरी ओर चुनाव आयोग ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार विधानसभा चुनाव के तारीख की घोषणा कर दी है। इस बार राज्य में तीन चरण में विधानसभा की 243 सीटों पर चुनाव होगा और नतीजे 10 नवंबर को आएंगे। पहले चरण में 28 अक्टूबर को 71 विधानसभा सीट पर चुनाव होगा तो वहीं दूसरे चरण में 3 नवंबर को 94 विधानसभा सीट पर होगा चुनाव होगा। इसके अलावा तीसरे चरण में 7 नवंबर को 78 सीटों पर चुनाव होगा। ताजा खबरों के लिए बने रहिए the news mirchi के साथ,



