JSSC CGL: झारखंड हाईकोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद नियुक्ति रद्द मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया

0
jharkhand highcourt

रांची: झारखंड हाईकोर्ट (जस्टिस दीपक रोशन की एकलपीठ) ने JPSC (11वीं-13वीं), JSSC CGL (2023), CDPO और फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO) जैसी महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ दायर सभी याचिकाओं पर आज (8 अक्टूबर 2026) अपनी सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया है।झारखंड हाईकोर्ट ने नियुक्त कर्मचारियों की नौकरी खत्म करने के फैसले पर अंतरिम रोक को बढ़ा दिया है।राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा और महाधिवक्ता रोहिताश्य राय ने कोर्ट को बताया कि जांच के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां, ‘मनी ट्रेल’ (पैसे का लेन-देन) और अभ्यर्थियों को कई जगहों पर ले जाकर जवाब रटवाए जाने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। सरकार का तर्क है कि जब धांधली का स्तर इतना व्यापक (Systemic Failure) हो, तो पूरी परीक्षा रद्द करना ही एकमात्र विकल्प बचता है।जस्टिस दीपक रोशन की एकलपीठ ने सरकार के इस कदम पर नाराजगी जताते हुए कहा कि “जब सीआईडी (CID) की जांच अभी पूरी ही नहीं हुई है, तो पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को अचानक रद्द करने का ठोस आधार क्या था?” अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसा प्रतीत होता है मानो यह निर्णय किसी बाहरी ‘दबाव’ में आकर लिया गया है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here