रांची की विशेष PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) अदालत ने 30 सितंबर 2026 को बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय (फ्रेम) कर दिए हैं। इसके साथ ही अब इस मामले में ट्रायल (अदालती सुनवाई) की प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अदालत के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। कोर्ट में जब उनके खिलाफ लगे आरोपों को पढ़कर सुनाया गया, तो उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और गलत बताते हुए खुद को निर्दोष कहा। आरोप तय होने से ठीक पहले हेमंत सोरेन ने आरोप गठन की प्रक्रिया को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि, हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद विशेष अदालत ने आरोप तय करने की प्रक्रिया पूरी की। इस जमीन घोटाला मामले में मुख्यमंत्री सोरेन के अलावा कुल 16 अन्य आरोपियों के खिलाफ कोर्ट पहले ही आरोप गठित कर चुका है।मुख्यमंत्री के अधिवक्ता संजीव सहाय के अनुसार, अदालत ने अभियोजन पक्ष (ED) को अपने गवाह पेश करने के निर्देश दिए हैं और मामले में ट्रायल की अगली सुनवाई के लिए 30 नवंबर 2026 की तारीख तय की है।




