लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निगोहां थाना क्षेत्र से यह सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहाँ मोबाइल की किस्त (EMI) न चुका पाने पर नेवल नाम के एक मजदूर युवक को बंधक बनाकर उसका जबरन खून निकालने और बंधुआ मजदूरी कराने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित नेवल ने करीब एक साल पहले निगोहां कस्बे की एक मोबाइल शॉप से शून्य डाउन पेमेंट पर 21,500 रुपये का एक फोन खरीदा था। किस्त न चुका पाने पर दुकानदार के लोग पहले ही उसका फोन छीन ले गए थे। आरोप है कि 8 सितंबर को दो लोग स्कूटी से नेवल के गांव (राजारामखेड़ा) पहुंचे और उसे जबरन अपने साथ उठा ले गए। नेवल का आरोप है कि आरोपी उसे लखनऊ के एक अस्पताल/ब्लड बैंक ले गए, जहाँ डरा-धमकाकर उसका एक यूनिट खून जबरन निकलवाया गया। खून निकालने के बाद उसे सदर इलाके के एक मकान में 5 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और उससे जबरन काम (मजदूरी) कराया गया। इस दौरान आरोपियों ने उसके बड़े भाई को फोन करके किस्त के नाम पर 2,799 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर भी करवा लिए और छोड़ने के बदले 12,000 रुपये की और मांग की। आरोपियों ने पीड़ित को जान से मारकर गोमती नदी में फेंकने की धमकी भी दी थी।शुरुआत में जब पीड़ित परिवार निगोहां थाने पहुंचा तो स्थानीय पुलिस ने उन्हें टरका दिया। इसके बाद पीड़ित की बुजुर्ग मां ने डीसीपी दक्षिणी (DCP South) मोहम्मद मुश्ताक से गुहार लगाई। डीसीपी के कड़े निर्देश के बाद हरकत में आई पुलिस ने अपहरण, बंधक बनाने, जबरन वसूली और मारपीट जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही लापरवाही बरतने वाले दोषी पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।




