रांची। दिल्ली में एक मुस्लिम महिला पत्रकार के साथ पुलिस थाने के अंदर कथित मारपीट और धर्म पूछकर दुर्व्यवहार किए जाने की घटना को लेकर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।डॉ. अंसारी ने कहा कि यदि किसी महिला के साथ उसकी पहचान या धर्म के आधार पर दुर्व्यवहार किया गया है, तो यह केवल एक बेटी का अपमान नहीं, बल्कि संविधान, इंसानियत और महिला सम्मान पर गंभीर हमला है।उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए कहा कि देश में धर्म के नाम पर द्वेष और नफरत का माहौल नहीं बनने दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता और कार्यकर्ता समाज में धार्मिक आधार पर तनाव बढ़ा रहे हैं और अब पुलिस पर भी राजनीतिक दबाव में काम करने के आरोप सामने आ रहे हैं।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “यह बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है। पूरे मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए तथा दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”डॉ. अंसारी ने पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस जनता की सुरक्षा और संविधान के प्रति जवाबदेह है, किसी राजनीतिक दल के प्रति नहीं।उन्होंने कहा, “धर्म के नाम पर नफरत और पुलिस की ताकत का दुरुपयोग बंद होना चाहिए। बेटी किसी भी धर्म की हो—उसका सम्मान और अधिकार सर्वोपरि है।”अपने बयान के अंत में डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि “भारत संविधान से चलेगा, नफरत और भेदभाव से नहीं।”




