रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने परीक्षा आयोजित करने और प्रिंटिंग आदि का काम पश्चिम बंगाल की सरकारी संस्था वेबेल टेक्नोलॉजी (Webel Technology) को सौंपा था। जांच के अनुसार, वेबेल ने आगे का तकनीकी व प्रिंटिंग कार्य आईसीएन (ICN) नामक संस्था के सहयोग से कराया। ICN जिसको भारत सरकार ने ब्लैकलिस्टेड कर के रखा है ।सीआईडी (CID) की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने हाल ही में दिल्ली से ICN कंपनी के दो मुख्य प्रबंधकीय कर्मचारियों (सोमेश प्रकाश और राहुल कुमार) को गिरफ्तार किया है। जांच में यह साबित हुआ है कि परीक्षा संचालन एजेंसी के इन्हीं अंदरूनी कर्मचारियों ने मिलकर प्रश्नपत्रों की गोपनीयता भंग की और पेपर लीक कराया। ICN के ब्लैकलिस्टेड होने पर भाजपा विधायक चम्पई सोरेन ने प्रतिक्रिया दी कि इस सरकार के पिछले कुछ वर्षों के कार्यकलापों को देखने पर पता चलता है कि यहाँ ब्लैकलिस्ट या भ्रष्ट्राचारी होना ही सबसे बड़ी योग्यता है। इसे पहले भाजपा विधायक ने आज ये भी कहा कि,”झारखंड का मामला सिर्फ पेपर लीक का नहीं है, यहाँ OMR Sheet में हेर फेर, कट-ऑफ मार्क्स जारी नहीं होना, मेरिट लिस्ट की वैधता, परीक्षा एजेंसी से जुड़ी गड़बड़ी, सीटों की सेटिंग एवं बिक्री जैसे गंभीर आरोप लग रहे हैं। इस मामले में सीबीआई जाँच जरूरी है।”




