देवघर: जसीडीह थाना क्षेत्र के एक निजी नशा मुक्ति केंद्र में 13 वर्षीय अक्षत केशरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मृतक की बहन सुर्वी केशरी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को टैग करते हुए आरोप लगाया कि उनके भाई की बेरहमी से हत्या की गई और स्थानीय पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की। शिकायत के बाद मुख्यमंत्री ने देवघर पुलिस को मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं।
सूत्र के अनुसार, अक्षत को जुलाई 2026 में गलत संगत और नशे की आदत से दूर रखने के उद्देश्य से जसीडीह-देवघर क्षेत्र स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। भर्ती के कुछ समय बाद ही उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने केंद्र संचालकों और कर्मचारियों पर मारपीट तथा बर्बरता का आरोप लगाते हुए इसे हत्या बताया है। बहन ने सोशल मिडिया पर एक वीडियो जारी कर सवाल उठाए हैं कि जसीडीह PS Case No. 247/2026, धारा 103(1) एवं 61(2) BNS का हवाला देते हुए सवाल उठाया है कि प्राथमिकी में नामजद संस्थान निदेशक कृष्ण मुखर्जी को थाना स्तर पर किस कानूनी प्रावधान के तहत P/R Bond पर छोड़ा गया। साथ ही कृष्ण मुखर्जी और सुमित उर्फ साहिल सिंह को न्यायिक हिरासत में नहीं भेजे जाने तथा संस्थान को अब तक सील नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं।शिकायत में क्षेत्र में कथित बड़े पैमाने पर ड्रग्स कारोबार की जांच और नशा मुक्ति केंद्र की गतिविधियों की पड़ताल की मांग की गई है। परिवार ने मामले की निष्पक्ष CID अथवा CBI जांच कराने की भी मांग की है।


