रांची : झारखंड सरकार के प्रयासों से ओमान में फंसी सिमडेगा की बेटी प्रीती कुजूर को सुरक्षित वापस लाया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर राज्य के श्रम विभाग (राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष) और मस्कट (ओमान) स्थित भारतीय दूतावास ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की। प्रीति 2 अगस्त को घर पहुंचेगी।
प्रीति कुजूर को स्थानीय एजेंटों के एक नेटवर्क ने दुबई में घरेलू कामगार (Domestic Worker) की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। अच्छे वेतन का वादा कर उन्हें घर से बुलाया गया, लेकिन एजेंटों ने उन्हें दुबई की जगह ओमान (मस्कट) भेज दिया。ओमान पहुंचते ही वहां के स्थानीय एजेंटों ने प्रीति का पासपोर्ट और मोबाइल फोन जब्त कर लिया। उन्हें एक कमरे में जबरन कैद (बंधक) कर के रखा गया। जब प्रीति ने इसका विरोध किया और भारत वापस लौटने की मांग की, तो एजेंटों ने उन्हें रिहा करने के बदले मोटी रकम (पैसों) की मांग शुरू कर दी।मुश्किल घड़ी में प्रीति ने किसी तरह एक वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर जारी किया। इस वीडियो में उन्होंने अपनी आपबीती बताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और भारत सरकार से सुरक्षा तथा सुरक्षित वतन वापसी की भावुक अपील की थी।वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले का तुरंत संज्ञान लिया। उनके आदेश पर झारखंड सरकार के श्रम विभाग के राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष (State Migrant Control Room) ने मस्कट स्थित भारतीय दूतावास (Embassy of India, Muscat) से संपर्क साधा। दोनों विभागों के संयुक्त और त्वरित कूटनीतिक प्रयासों के कारण ओमान में एजेंटों के चंगुल से प्रीति को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।




