रांची/पटना:बिहार के भोजपुर (आरा) जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव का रहने वाला एक 28 वर्षीय युवक भरत भूषण तिवारी की बिहार पुलिस और STF के साथ हुई एक कथित मुठभेड़ (एनकाउंटर) में मौत हो गई। वह स्नातक (B.Sc) का छात्र था।भरत तिवारी के एनकाउंटर पर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। इस मामले में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भाजपा और बिहार की सत्ता व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं।JMM का कहना है कि भरत तिवारी बिहार में कथित अराजकता, भ्रष्टाचार और सत्ता-संरक्षित अपराधों के मुद्दों को उठा रहे थे तथा व्यवस्था और सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे थे। पार्टी ने आरोप लगाया कि उनकी आवाज़ को दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया और उनकी हत्या की गई।
पार्टी ने अपने बयान में कहा कि, ”बिहार में फैली अराजकता, भ्रष्टाचार और सत्ता संरक्षित अपराधों पर सवाल उठा रहे थे।उन्होंने व्यवस्था से जवाब मांगा, सत्ता से जवाबदेही मांगी।लेकिन भाजपा ने जवाब नहीं दिया।भाजपा ने 57 पुलिसकर्मियों के बल पर उन्हें घेर लिया और उनकी हत्या कर दी।यही है भाजपा का असली चाल, चरित्र और चेहरा।”
JMM ने आगे कहा,”जो सवाल पूछेगा, उसे चुप कराया जाएगा।जो भ्रष्टाचार उजागर करेगा, उसे निशाना बनाया जाएगा।जो सत्ता के सामने सच बोलेगा, उसे कुचलने की कोशिश की जाएगी।पैसों के दम पर विधायक/सांसद ख़रीदे जाएँगे – लोकतंत्र कुचला जाएगा।लोकतंत्र में असहमति का जवाब संवाद से दिया जाता है, दमन से नहीं।”




