रामगढ़: जिले के कुज्जू थाना अंतर्गत अरगड्ढा गांव में अवैध कोयला खनन के दौरान हुई दर्दनाक घटना में चार युवकों की असमय मृत्यु के बाद आज नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मृतकों के परिजनों से उनके आवास पर पहुंचकर मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली तथा इस कठिन समय में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। बाबूलाल मरांडी का कहना है कि,रामगढ़ में बंद पड़ी खदान में एक व्यक्ति के गिरने के बाद उसे बचाने गए 4 लोगों की दम घुटने से मौत सिर्फ़ एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही, भ्रष्ट तंत्र और संवेदनहीन व्यवस्था द्वारा की गई सामूहिक हत्या जैसी प्रतीत होती है।आरोप है कि रेस्क्यू के नाम पर 5 हजार रुपये वसूले गए, गंभीर हालत में लोगों को बेहतर अस्पताल भेजने के बजाय सीधे सदर अस्पताल ले जाकर पोस्टमार्टम की तैयारी शुरू कर दी गई। अगर यह सच है, तो यह सिर्फ़ लापरवाही नहीं बल्कि गरीबों की मौत पर भी वसूली करने वाली निर्लज्ज व्यवस्था का वीभत्स चेहरा है।
बाबूलाल मरांडी ने आगे कहा है कि, हेमंत सोरेन जी, यदि सरकार में संवेदनशीलता और जवाबदेही का थोड़ा भी अंश शेष है, तो इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए। दोषियों पर सिर्फ़ निलंबन का दिखावटी मलहम नहीं, बल्कि हत्या जैसी धाराओं में कार्रवाई हो। पीड़ित परिवारों को सम्मानजनक मुआवजा, सरकारी नौकरी और न्याय सुनिश्चित किया जाए।वरना जनता यह मानने को मजबूर होगी कि झारखंड में गरीब की जान की कीमत अब सिर्फ़ पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मुआवजे की फाइल तक सीमित रह गई है।




