रांची/कोलकाता:तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता प्रकाश चिक बराइक ने 11 जून 2026 को राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन को सौंपा। झारखंड भाजपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सांसद और प्रमुख आदिवासी नेता प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे को आदिवासी समाज की बदलती राजनीतिक सोच का प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम दर्शाता है कि आदिवासी समुदाय अब तुष्टिकरण और परिवारवादी राजनीति से ऊपर उठकर विकास और राष्ट्रहित की राजनीति को प्राथमिकता दे रहा है।मरांडी ने कहा कि प्रकाश चिक बराइक ने अपने इस्तीफे के दौरान स्पष्ट रूप से कहा है कि पश्चिम बंगाल की जनता का जनादेश भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में है। उनके अनुसार, यह केवल एक राजनीतिक इस्तीफा नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के भीतर भाजपा के प्रति बढ़ते विश्वास और समर्थन का संकेत है।बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि झारखंड का आदिवासी समाज भी आज देख रहा है कि भाजपा ही जल, जंगल, जमीन, संस्कृति और सम्मान की सच्ची लड़ाई लड़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आदिवासी समाज को पहली बार इतना सम्मान और प्रतिनिधित्व मिला है।
मरांडी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में हाल के दिनों में हुए इस्तीफों का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी के भीतर बढ़ती असंतुष्टि जनता के घटते भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी की नीतियों और नेतृत्व शैली से कई नेता असहज महसूस कर रहे हैं।उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पूर्वी भारत की राजनीति में आदिवासी समाज की भूमिका और अधिक प्रभावशाली होगी तथा यह राजनीतिक परिदृश्य को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।हालांकि, टीएमसी की ओर से इन आरोपों और दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।




