रांची : सीएम हेमंत सोरेन ने केरल की नन्ही आलिन को श्रद्धांजलि अर्पित की है. सीएम ने एक्स पर लिखा, हमारे देश, केरल की नन्ही बिटिया आलिन शेरिन अब्राहम… यह नाम पूरे देश को द्रवित कर रहा है।अपनी संतान को खो देना किसी भी माता-पिता के लिए सबसे असहनीय क्षण होता है। ऐसे समय में, जब हृदय शोक से भरा हो, अपने जिगर के टुकड़े के अंग दान करने का निर्णय – श्रीमती शेरिन एन जॉन और श्री अरुण अब्राहम के लिए साधारण नहीं, बल्कि अद्भुत साहस, त्याग और करुणा का उदाहरण है।यह केवल अंगदान नहीं था, यह मानवता के प्रति उनकी अटूट आस्था का जीवंत प्रमाण था। आलिन का जीवन भले ही अल्पकालिक रहा, पर आज वह कई घरों की उम्मीद बनकर जीवित है – और अमर हो गई है।दिवंगत आलिन के माता-पिता ने जो किया, वह पूरी मानवता के लिए एक अमिट मिसाल है – ऐसी मिसाल जो हर सीमा, हर भाषा और हर भेद से भी ऊपर है।मैं नन्ही आलिन को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ और दिवगंत आत्मा के माता-पिता के अद्वितीय साहस को नमन करता हूँ।केरल के माननीय मुख्यमंत्री आदरणीय श्री @pinarayivijayan जी की संवेदनशीलता को भी नमन करता हूँ, जिन्होंने दिवगंत आलिन के अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान देकर मानवता के इस संदेश को और ऊंचाई दी है।दूसरों को जीवन देने का महादान है – अंगदान। झारखंड राज्य में भी अंगदान की नीति को और सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार हर आवश्यक कदम उठाएगी।
बता दें कि केरल ने रविवार को 10 महीने की आलिन शेरिन अब्राहम को नम आंखों से विदाई दी. इतनी छोटी उम्र में वह राज्य की सबसे कम उम्र की ऑर्गन डोनर बनीं. कुछ दिन पहले उनके अंग दान किए गए थे, जिससे पांच गंभीर मरीजों को नई जिंदगी मिली.उनका लीवर और एक किडनी पहले ही दो गंभीर रूप से बीमार बच्चों में प्रत्यारोपित किए जा चुके हैं जबकि उनके हार्ट वॉल्व, दूसरी किडनी और आँखों को कोच्चि के साथ तिरुवनंतपुरम के तीन हॉस्पिटलों में ज़रूरतमंदों से मैच कराने की प्रक्रिया की जाएगी33 साल के अब्राहम ने बताया, ”जब डॉक्टरों ने हमें बताया कि वह ब्रेन डेड है, तो हमें बहुत सदमा लगा. फ़ैसला लेना बहुत कठिन था लेकिन मैंने अपनी पत्नी शेरिन एन जॉन से पूछा और उन्होंने तुरंत सहमति दे दी. मेरी पत्नी ने कहा कि हमें अन्य ज़िंदगियां बचाने के लिए अंगदान करना चाहिए.




