मधुपुर में मंदिर निर्माण को लेकर उठे विवाद पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन ने गंभीरता से संज्ञान लिया। मंत्री ने प्रशासन से बात कर दोनों समुदायों के बीच संवाद कराया, जिसके बाद आपसी सहमति और सौहार्द के माहौल में मंदिर निर्माण कार्य शुरू करवाया गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मधुपुर में दोनों समुदाय लंबे समय से मिल-जुलकर शांतिपूर्वक रहते चले आ रहे हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए दोनों पक्षों ने मिलकर यह फैसला लिया कि मंदिर का निर्माण होगा और इसमें दोनों समुदाय सहयोग करेंगे।
हालांकि इस पूरे मामले में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे द्वारा भी श्रेय लेने की कोशिश की जा रही है, जबकि जमीनी स्तर पर सुलह और समाधान की पहल मंत्री हफीजुल हसन और स्थानीय प्रशासन के प्रयासों से संभव हो पाई।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह फैसला किसी राजनीतिक दबाव में नहीं, बल्कि आपसी समझ, सद्भावना और भाईचारे के आधार पर लिया गया है। मंदिर निर्माण में दोनों समुदायों की भागीदारी इस बात का प्रतीक है कि मधुपुर में सांप्रदायिक सौहार्द आज भी मजबूत है।




