रांची : सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सीमित संसाधनों से आगे बढ़ते हुए राज्य का बजट 6,067 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में ₹1.45 लाख करोड़ पहुंच गया है। यानी राज्य के बजट में 25 साल में करीब 24 गुना वृद्धि हुई है।बेहतर वित्तीय प्रबंधन, घटता कर्ज, राजस्व अधिशेष और नीति आयोग की फिस्कल हेल्थ इंडेक्स-2025 में ‘अचीवर’ श्रेणी में राज्य चौथे स्थान पर है।एक ओर जनता की अपेक्षाएं बढ़ रही हैं, तो दूसरी ओर संसाधनों की सीमाएं बनी हुई है। सबसे बड़ी चुनौती केंद्र से मिलने वाली राशि में अनिश्चितता है। केंद्रीय करों और अनुदान में लगातार देरी के कारण राज्य को अपने संसाधनों पर अधिक निर्भर होना पड़ रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 32,000 करोड़ रुपये केंद्र से अब तक नहीं मिले, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन पर दबाव बढ़ेगा। जीएसटी प्रणाली से होने वाला नुकसान भी बड़ी चुनौती है। झारखंड उत्पादक राज्य है, जबकि जीएसटी का अधिक लाभ उपभोग करने वाले राज्यों को मिलता है। इससे आंतरिक राजस्व संग्रह बढ़ाना सरकार के लिए कठिन होगा।




