रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड स्थित पाली गाँव में सरिता देवी आजीविका पशु सखी है। इसके साथ ही वह एक सफल किसान भी हैं। पहले पूंजी के अभाव में पति के साथ मिलकर थोड़ी बहुत मौसमी खेती करती थी जिससे आमदनी बहुत कम होती थी। 2017 में उन्होंने लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बचत शुरू की, वित्तीय साक्षर हुई और सरकारी योजनाओं के बारे में भी जानने लगीं। समूह से ऋण लेकर बकरी पालन शुरू किया था।
सरिता, 2018 में आरसेटी, रांची से पशु सखी का प्रशिक्षण लेकर पशुओं की देखभाल, टीकाकरण और कृमिनाशक दवा आदि का कार्य करने लगीं । इसके साथ उन्होंने खेती भी बढ़ाई धान के साथ-साथ ककड़ी, करेला, कच्चू, लौकी, भिन्डी जैसे सब्ज़ियाँ सालों भर लगाने लगी। हाल ही में उन्होंने कच्चू बेचकर ₹7,000 कमाए।
आज सरिता देवी सालाना ₹1 लाख से अधिक कमा रही हैं और “लखपति दीदी” बन चुकी हैं। गाँव में लोग उनसे पशुओं के टीकाकरण और रख-रखाव से जुड़ीं सलाह लेते हैं। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से मिलने वाली सहायता राशि को वह अपने बच्चों की पढ़ाई में लगाती हैं। सरिता देवी आज आत्मनिर्भर हैं और अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन की ओर बढ़ रहीं हैं।




