SC: सारंडा जंगल को 8 अक्तूबर तक अभयारण्य घोषित करें नहीं तो मुख्य सचिव को जेल भेजा जायेगा

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झारखंड : सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार को सारंडा जंगल को अभयारण्य घोषित करने में हो रही देरी पर कड़ी फटकार लगायी है. अदालत ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने आठ अक्तूबर तक अधिसूचना जारी नहीं की तो राज्य के मुख्य सचिव को जेल भेजा जायेगा. यह निर्देश वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर दाखिल याचिकाओं पर 17 सितंबर को सुनवाई के दौरान दिया गया.

पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि सारंडा एक बड़ा माइनिंग क्षेत्र रहा है,जहाँ कई सरकारी,अर्ध सरकारी एवं निजी माइन्स कार्यरत हैं।मुख्यतः यहाँ आयरन ओर और मैंगनीज जैसे खनिजों का खनन होता आया है।इस खनन से राज्य सरकार को एक बड़ा राजस्व प्राप्त होता रहा था।अब सारंडा के 576 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को अभयारण्य घोषित करने से झारखंड जैसे एक पिछड़े और ग़रीब राज्य के वित्तीय प्रबंधन लिए एक बड़ा झटका होगा,जो पहले से ही केंद्र सरकार की तिरछी नज़रों से जूझ रहा है।पर्यावरण सर्वोपरि है।इसे किसी भी कीमत पर बचाए रखने की आवश्यकता है।स्वस्थ एवं स्वच्छ पर्यावरण अमोल है,पर एक ग़रीब राज्य के राजस्व नुक़सान की क्षतिपूर्ति संबंधी निर्देश भी माननीय सुप्रीम कोर्ट अपने आदेश में समाहित करता तो शायद न्याय नैसर्गिक होता।

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