नवा उमंग: किशोरियों का सशक्तिकरण, झारखण्ड के विकास की दिशा के तरफ एक कदम

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deepika singh pandey

झारखण्ड: “नवा उमंग: किशोरियों को सशक्त बनाने के लिए, एक संवाद कार्यक्रम” का आयोजन, आज रांची में हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों के सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करना और उनके अधिकारों और अवसरों को आगे बढ़ाने के लिए एक रूपरेखा तैयार करना था।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, श्रीमती दीपिका पाण्डेय सिंह, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री, झारखण्ड सरकार, ने किशोरियों के सशक्तिकरण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया एवं विभिन्न संगठनों द्वारा की गई पहल की प्रशंसा की। मंत्री ने कार्यक्रम में आईं हुईं माताओं, उनकी बेटियों एवं अन्य बच्चियों के कार्य की प्रसंशा करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की. उन्होंने कहा, “माताएं अपनी बेटियों का आजीवन साथ निभाती हैं और उनकी सफलता के लिए निरंतर प्रयासरत रहती हैं।”

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, श्रीमती दीपिका पाण्डेय सिंह, माननीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री, झारखण्ड सरकार, ने किशोरियों के सशक्तिकरण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया एवं विभिन्न संगठनों द्वारा की गई पहल की प्रशंसा की। माननीय मंत्री ने कार्यक्रम में आईं हुईं माताओं, उनकी बेटियों एवं अन्य बच्चियों के कार्य की प्रसंशा करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की. उन्होंने कहा, “माताएं अपनी बेटियों का आजीवन साथ निभाती हैं और उनकी सफलता के लिए निरंतर प्रयासरत रहती हैं।”
कार्यक्रम के दौरान माननीय मंत्री द्वारा उमंगपरियोजना के प्रतिभागियों एवं गोड्डा और जामताड़ा (जेएसएलपीएस ) के जिला कार्यक्रम प्रबंधक को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में किशोरियों को सशक्त बनाने की दिशा में चर्चा करने और काम करने के लिए विभिन्न क्षेत्र के हितधारक एक साथ आए। इस कार्यक्रम में किशोरियों की करियर की मंशा और शिक्षा एवं कौशल विकास को बढ़ाने में माताओं की भूमिका पर व्यावहारिक सत्र शामिल थे। विशेषज्ञों और हितधारकों ने किशोरियों को सशक्त बनाने में सहयोग और सामूहिक कार्रवाई के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अपने अनुभव और विचार साझा किए। जेएसएलपीएस के सीईओ श्री अनन्य मित्तल मित्तल भी कार्यक्रम में उपस्थित रहें। JSLPS jharkhand एवं PCI India के संयुक्त प्रयास से उमंग परियोजना को झारखंड के गोड्डा और जामताड़ा जिलों में क्रियावन्दित किया गया। जिसका उद्देश्य, किशोरियों को स्कूल में बने रहने और बाल विवाह को कम करके सशक्त बनाना है।

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