झारखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हेमंत सरकार का नया कदम सराहनीय है।इससे निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, स्थानीय युवाओं को पहचान मिलेगी और झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया जानेगी। अब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर राज्य के खूबसूरत पर्यटन स्थलों को प्रमोट कर सकते हैं और ₹10 लाख तक की प्रोत्साहन राशि पा सकते हैं।पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग सोशल मीडिया नीति बना रहा है। इसके तहत रील बनाने के लिए 10 लाख रुपये तक प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है। विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार ने नीति को स्वीकृति दे दी है, अब कैबिनेट से मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा।झारखंड में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की ओर से तीन श्रेणी में पर्यटन स्थल के रूप में 528 से अधिक प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थल सूचीबद्ध हैं। श्रेणी ए में 37 पर्यटन स्थल हैं, इनमें मुख्य रूप से देवघर में वैद्यनाथ धाम, त्रिकुट पहाड़, रिखिया धाम, साहिबगंज में उधवा पक्षी विहार, दुमका में बासुकीनाथ धाम, मलूटी मंदिर समेत कई है। श्रेणी बी में 57, सी में 112 और डी में 322 पर्यटन स्थल सूचीबद्ध हैं।झारखंड के ऐतिहासिक स्थलों देवघर, पारसनाथ, रजरप्पा, लुगु बुरु, मलूटी मंदिर और मैक्लुस्कीगंज आदि को प्रमोट किया जा सकता है।



