सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा सवाल ”क्या फांसी के बजाय सजा देने का कम दर्दनाक तरीका है” SC ने अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमन को एक्सपर्ट कमेटी बनाकर इस बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए कहा है। कोर्ट ने ये बातें मौत की सजा के तरीकों पर केंद्र द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान कहीं। याचिका में केंद्र ने शूटिंग, लीथल इंजेक्शन और करंट के जरिए मौत की सजा देने का सुझाव दिया था। सुनवाई में एडवोकेट ऋषि मल्होत्रा ने कहा, “फांसी की सजा देना बहुत क्रूर है”। CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, “हमें AIIMS समेत कुछ बड़े अस्पतालों के साइंटिफिक डेटा की ज़रूरत है”। चंद्रचूड़ – “फांसी लगने के बाद मौत होने में कितना समय लगता है, किस तरह के संसाधनों की ज़रूरत होती है, कितना दर्द होता है ,इसका हमें डेटा चाहिए”। कोर्ट – “यदि कोई अच्छा तरीका मिलता है तो हम उसे मौत की सजा देने के लिए अपना लेंगे”। जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने कहा, “इसमें कम दर्द वाली प्रतियोगित नहीं होनी चाहिए, फांसी की सजा सही है”। नरसिम्हा – “अमेरिका में पाया गया कि लीथल इंजेक्शन से तुरंत मौत नहीं होती, बल्कि यह दर्दनाक है। नरसिम्हा – “गोली मारना तो मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं और इससे सेना का टाईम-पास होगा”।



