रांची : बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक और सुदृढ़ करने के लिए हेमंत सरकार कदम बढ़ा रही. मुख्यमंत्री से PVNL के CEO श्री अशोक कुमार सहगल ने शिष्टाचार भेंट की। 800 MW की एक यूनिट से व्यवसायिक बिजली उत्पादन शुरू होने में राज्य सरकार से मिलकर सहयोग के लिए आभार जताया ।
मालूम हो कि झारखंड के इस ट्रांसफारमेशन का सबसे बड़ा आधार बना है पतरातू सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर स्टेशन। पतरातू की पहली यूनिट से करीब 800 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो चुका है, जिसमें से 685 मेगावाट बिजली झारखंड को मिल रही है। यह वही झारखंड है, जिसे पिछले साल तक सर्दियों और गर्मियों के पीक डिमांड में 500 से 600 मेगावाट अतिरिक्त बिजली इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से नीलामी के जरिए महंगे दाम पर खरीदनी पड़ती थी।साल 2026 में पतरातू पावर प्लांट की दूसरी यूनिट से उत्पादन शुरू होने की तैयारी है। इसके बाद तीसरी यूनिट भी लाइन में है। पहले चरण में तीन यूनिटों से 2400 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा, जिसका 85% झारखंड को मिलेगा। दूसरे चरण में दो और यूनिट लगेंगी और उत्पादन 4000 मेगावाट तक पहुंच जाएगा। तब झारखंड निर्यातक बन जाएगा।बिजली खरीदने में दिन-रात लगी रहती थीं। आज हालात बिल्कुल उलट हैं। राज्य में इस समय बिजली की मांग करीब 2800 मेगावाट है, जबकि दिन के समय उपलब्धता 3300 मेगावाट तक पहुंच रही है।




