Tamil Nadu: Made fake video of Bihar migrant workers to become famous, arrested
चेन्नई: मनोज यादव नामक व्यक्ति को तमिल लोगों द्वारा पीटे जाने का वीडियो बनाने के बाद गिरफ्तार किया गया। जिसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जांच के बाद पाया गया कि लोकप्रियता हासिल करने और प्रवासी श्रमिकों के बीच अशांति पैदा करने के लिए उसके द्वारा वीडियो बनाया गया था। तमिलनाडु पुलिस ने जानकारी दी।
तमिलनाडु में बिहारियों पर हमले के कथित वीडियो सोशल मीडिया पर डालने के मामले में EOU ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 लोगों पर एफआईआर दर्ज किया है।पुलिस का कहना है कि जनता के मन में भय पैदा करने के लिए जानबुझ कर सुनियोजित तरीके से यह अफवाह फैलाई गई है। रविवार को ही विभिन्य धाराओं में चारों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। इसके साथ ही एक युवक अमन कुमार को जमुई से गिरफ्तार भी किया है।मालूम हो कि इन चारों में एक मशहूर यूट्यूब और सच तक न्यूज़ के संचालक मनीष कश्यप भी शामिल है। फिलहाल पुलिस बाकी तीनों आरोपियों की खोजबीन में जुटी है।
अवाडी पुलिस ने न्यूज पोर्टल Opindia.com के खिलाफ फर्जी खबरें फैलाने और तमिलनाडु में प्रवासी श्रमिकों के बीच भय की भावना पैदा करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। एक पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार, अवाडी में थिरुनिन्द्रवुर पुलिस ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) आईटी विंग सदस्य की शिकायत के आधार पर OpIndia वेबसाइट के सीईओ और नूपुर शर्मा, सीईओ और राहुल रौशन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं । तमिलनाडु पुलिस ने 6 मार्च को दक्षिणपंथी समाचार पोर्टल OpIndia के सीईओ राहुल रौशन और एडिटर-इन-चीफ नूपुर जे शर्मा पर कथित तौर पर फर्जी खबरें चलाने और राज्य में प्रवासी मजदूरों के बीच भय की भावना पैदा करने के लिए मामला दर्ज किया।
बिहार पुलिस ने बताया कि तमिलनाडु राज्य में प्रवासी बिहार के निवासियों के साथ कतिपय हिंसात्मक घटनाओं से सम्बन्धित सोशल मीडिया पर प्रसारित असत्य, भ्रामक एवं उन्माद फैलाने वाले वीडियो एवं पोस्ट पर जाँचोपरांत कांड दर्ज किया गया है ।आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना को तमिलनाडु राज्य में प्रवासी बिहार के निवासियों के सम्बन्ध में कतिपय हिंसात्मक घटनाओं के सम्बन्ध में वीडियो प्रसारित किये जाने पर जाँच के क्रम में पता चला कि जानबूझ कर सुनियोजित तरीके से भ्रामक, अफवाह जनक तथा भड़काने वाले फोटो/वीडियो/टेक्स्ट मैसेज इत्यादि डालकर जनता के बीच भय का माहौल पैदा किया जा रहा है, जिससे विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने की सम्भावना है। 30 वीडियो एवं पोस्ट चिन्हित किये गये हैं तथा आर्थिक अपराध इकाई थाना काण्ड सं0-03/2023 दिनांक-05.03.23 धारा-153/153 (ए)/153 (बी)/505 (1) (बी)/505(1) (सी)/468/471/120 (बी) भा0द0वि0 एवं 67 आइ0टी0 एक्ट अंकित कर उपाधीक्षक स्तर के पदाधिकारी के द्वारा अनुसंधान किया जा रहा है।
प्राथमिकी में निम्न व्यक्तियों को जाँचोपरांत नामजद किया गया हैः
1 अमन कुमार, पे0-मनोज रविदास, पो0-दिग्घी, थाना-लक्ष्मीपुर, जिला-जमुई,
2 राकेश तिवारी/@PRAYASNEWS
3 Twitter user युवराज सिंह राजपूत,
4 Youtube channel@SACHTAKNEWS के संचालक मनीष कश्यप के विरुद्ध।इसी क्रम में प्राथमिकी अभियुक्त अमन कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसके पास से कई आपत्तिजनक पोस्ट एवं मोबाइल में साक्ष्य पाया गया है, जिसकी अग्रतर जाँच की जा रही है। जाँच एवं अनुसंधान के क्रम में पाया गया कि प्रसारित किया गया एक वीडियो किसी की हत्या कर मारकर लटका दिये जाने का है। सत्यापन तथा जाँच से ज्ञात हुआ कि यह किसी के आत्महत्या की पुरानी घटना है। किसी बिहार के निवासी से सम्बन्धित नहीं है। इसी प्रकार प्रसारित किया गया दूसरा वीडियो भी पुरानी घटना से संबंधित है। यह वीडियो झारखण्ड के एक व्यक्ति तथा बिहार के एक व्यक्ति के बीच व्यक्तिगत विवाद को लेकर है। इस घटना का भी तमिलनाडु के किसी व्यक्ति से कोई सरोकार नहीं पाया गया है।अनुसंधान के क्रम में पाया गया कि कांड के दूसरे अभियुक्त युवराज सिंह राजपूत के विरूद्ध भोजपुर जिला के नारायणपुर थाना काण्ड संख्या-307/22 दर्ज है, जिसमें यह वांछित है। छपरा जिलान्तर्गत मुबारकपुर की घटना में भी इसके द्वारा आपत्तिजनक पोस्ट किये जाने के साक्ष्य मिले हैं।इसके विरुद्ध अग्रतर कार्रवाई की जा रही है। इस प्रकार ऐसा प्रतीत होता है कि उक्त असत्य, भ्रामक तथा उन्माद फैलाने वाले वीडियो एवं पोस्ट के पीछे आपराधिक प्रवृत्ति के लोग भी शामिल हैं। आर्थिक अपराध इकाई द्वारा फेसबुक पर 9, ट्विटर पर 15, यूट्यूब पर 15 तथा जीमेल पर 3 भ्रामक पोस्ट किये जाने के सम्बन्ध में प्रिजर्वेशन नोटिस जारी की गई ताकि सम्बन्धित लिंक और विवादित रिपोर्ट का पूरा साक्ष्य प्रिजर्व किया जा सके एवं विधिवत कार्रवाई की जा सके।बिहार पुलिस ने आगे कहा किसी भी भ्रामक, असत्य एवं झूठे वीडियो पर विश्वास नहीं करें तथा इनको फारवर्ड या शेयर भी नहीं किया जाये। ऐसे वीडियो बनाने या उनका प्रचार-प्रसार करने से लोगों की भावनाएँ भड़क सकती हैं तथा आपसी वैमनस्य एवं उन्माद उत्पन्न हो सकता है, जो कि कानूनन अपराध है।
Tamil Nadu: Made fake video of Bihar migrant workers to become famous, arrested



