Ranchi:स्पेनिश झारखंड के दुमका में उपायुक्त द्वारा बला*त्कार पीड़िता के पति को 10 लाख रुपए का मुआवजा सौंपा गया।जिसके बाद रे*प पीड़िता के पति ने आभार जाते हुए कहा, “तेजी से जांच के लिए धन्यवाद…” लेकिन पीड़िता के पति को 10 लाख रुपए का मुआवजा सौंपा जाना भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को अच्छा नहीं लगा है.उन्होंने इसे पब्लिसिटी बताया है और ओछी हरकत कहा है.दरअसल उन्होंने ये बात एक्स पर कही है”झारखंड को बदनाम करना बंद करिए मुख्यमंत्री Champai Soren जी…आपकी सरकार के द्वारा वीभत्स बला*त्कार के पीड़ित परिवार को कैमरे के सामने खड़ा करा के पैसे देना कोई सहायता या उपकार नहीं, बल्कि निर्लज्जता, संवेदनहीनता और महिलाओं के प्रति निम्न मानसिकता को दर्शाता है।क्या मजबूरी थी कि मानसिक पीड़ा से जुझ रहे व्यक्ति को कैमरे के सामने खड़ा कर उसे पैसे लेने के लिए मजबूर किया गया?ऐसी ओछी हरकतें झारखंड वासियों को शर्मिंदा कर रही हैं! स्त्रियों के अपमान में भी पब्लिसिटी ढूंढने वाले बेशर्म अधिकारी को तुरंत बर्खास्त करिए।और यदि सरकार नेक नीयत से बला*त्कार पीड़ितों को सहायता दे रही है तो, पलामू में सामूहिक दु*ष्कर्म की शिकार हुई महिला को सहायता क्यों नहीं दी गई? बला*त्कार पीड़ित महिलाओं के साथ ऐसा पक्षपाती रवैया क्यों अपनाया जा रहा है?”



