रांची: 26 मई 2025 को झारखंड प्रदेश कांग्रेस पार्टी आदिवासी समाज की वर्षों पुरानी मांगों को लेकर राजभवन का घेराव किया। झारखंड कांग्रेस आज राजभवन के बाहर आदिवासी अस्मिता की आवाज़ बनी। कांग्रेस का कहना है कि “ये सिर्फ धरना नहीं है, ये हमारी पहचान की लड़ाई है। सरना कोड हमारा हक है — हमारी आस्था, हमारी पहचान। केंद्र की चुप्पी अब नहीं चलेगी। हम सरना हैं, और हमें हमारा कोड चाहिए। कांग्रेस नेता और राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सरना धर्म कोड और सातवां कॉलम को आदिवासी समाज की सबसे बड़ी मांग बताते हुआ कहा कि इसे अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। झारखण्ड प्रदेश प्रभारी के. राजू ने कहा”सरना कोड आदिवासी समाज का संवैधानिक अधिकार है, यह उनके धर्म, संस्कृति और आस्था की पहचान है। मैं केंद्र सरकार से माँग करता हूँ — जातीय जनगणना में सरना धर्म को मान्यता दी जाए।”




