महेंद्र सिंह धोनी सिर्फ नाम ही काफी है उनके बारे में बात करने के लिए, भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कप्तान,विकेट कीपर और ताबड़तोड़ बल्लेबाज़।
हमारे कैप्टन कूल ने 15 अगस्त 2020 की शाम ट्वीट करके अंतराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास ले लिया है, एमएस धोनी के फुर्तीली स्टंपिंग और थ्रो पर बिना देखे स्टंप्स पर सटीक निशाने का कायल भला कौन नहीं था। विकेट के पीछे खड़े रहने वाले धोनी पलक झपकते ही विरोधी टीम का विकेट उड़ाने में माहिर थे। टीम इंडिया के मुख्य कोच रवि शास्त्री भी उनके इस स्टाइल के मुरीद हैं।धोनी की रिटायरमेंट के बाद रवि शास्त्री ने उनके खेल की जमकर प्रशंसा की है। शास्त्री ने कहा, ‘बतौर विकेटकीपर वह नेचुरल नहीं थे लेकिन विरोधी टीम के लिए वह नरक की तरह प्रभावी थे। उन्होंने जो प्रभाव छोड़ा उसे देखिए। मेरे लिए उनकी स्टपिंग और उनके रन आउट मायने रखते हैं। उनके हाथ बहुत तेज चलते हैं, किसी जेबकतरे से भी ज्यादा तेज। बल्लेबाज को यह अहसास भी नहीं हो पाता कि धोनी ने उसकी गिल्लियां बिखेर दी हैं। यह कुछ ऐसा है, जो उनके प्रभाव से जुड़ा हुआ है।’मुख्य कोच ने कहा, ‘यह आदमी किसी भी दूसरे खिलाड़ी से कहीं कम नहीं है। और जहां से वह आते हैं उन्होंने वहां आने वाले समय के लिए क्रिकेट को पूरी तरह बदल दिया है। और उनकी खूबसूरती यह है कि उन्होंने यह सभी फॉर्मेट में किया।’धोनी की तारीफ में रवि शत्रि ने आगे कहा की, ‘धोनी ने अपनी लीडरशिप से भारतीय क्रिकेट की सूरत बदल दी। उन्हें हमेशा इस खेल के महान खिलाड़ियों में शुमार किया जाएगा।’
रवि शास्त्री ने भारतीय क्रिकेट में धोनी के योगदान को याद करते हुए कहा, ‘टी20 में उन्होंने वर्ल्ड कप जीता और 50 ओवर क्रिकेट में भी वर्ल्ड कप जीता। आईपीएल के कई खिताब अपने नाम किए। टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने टीम को नंबर 1 की रैंकिंग पर पहुंचाया।’Ranjana pandey



