रांची: दीपावली के अवसर पर स्थानीय मिट्टी के दीये बनाने वाले कारीगरों और उनके परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से रांची डीसी मंजुनाथ भाजंत्री ने लोगों से स्थानीय दीये खरीदने की अपील की है।उन्होंने बताया कि मिट्टी के दीये तैयार करने में केवल एक कारीगर नहीं, बल्कि पूरा परिवार मेहनत करता है। परिवार के पुरुष मिट्टी गूंथते हैं, महिलाएं दीयों को आकार देती हैं और बुजुर्ग रंग-रोगन का काम संभालते हैं। मिट्टी गूंथने से लेकर दीये को सुखाने और हाथों से रंगने तक की पूरी प्रक्रिया में काफी मेहनत और समय लगता है।इसके बावजूद इन कारीगरों को उनकी मेहनत के अनुरूप उचित आमदनी नहीं हो पाती है।
रांची डीसी ने लोगों से अपील की है कि इस दीपावली स्थानीय कुम्हारों और कारीगरों से उचित मूल्य पर मिट्टी के दीये खरीदें। इससे न केवल स्थानीय परिवारों की आय बढ़ेगी, बल्कि पारंपरिक कला, हुनर और स्थानीय बाजार को भी बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने कहा कि बाहरी सामान पर निर्भरता कम कर स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देना जरूरी है।एक दीया खरीदना सिर्फ घर को रोशन करना नहीं, बल्कि किसी मेहनतकश परिवार के जीवन में खुशियों की रोशनी लाना भी है।इस दीपावली आपका एक छोटा-सा फैसला स्थानीय कारीगरों के लिए बड़ी मदद बन सकता है।




