पटना: बिहार के जमुई जिले में 10वीं कक्षा के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में कथित तौर पर रोककर उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने का एक वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने घटना पर सवाल उठाए हैं।राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर साझा बयान में वीडियो को “बहुत बेचैन करने वाला” बताया। उनके अनुसार, वीडियो में कुछ लोग छात्र और छात्रा को रोकते, उन्हें परेशान करते और छात्रा के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि छात्रा हाथ जोड़कर उन्हें जाने देने की विनती करती रही।राहुल गांधी ने घटना को महिलाओं के प्रति पुरुषवादी नियंत्रण की मानसिकता से जोड़ते हुए कहा कि इसे “संस्कृति” का नाम नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान किए जाने और आरोपियों के खिलाफ POCSO Act के तहत कार्रवाई की मांग की।उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि घटना 19 सितंबर की है, तो कथित आरोपियों के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। साथ ही उन्होंने बिहार सरकार से पूछा है कि बिहार सरकार जवाब दे कि शाम 7 बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है?
बिहार के जमुई जिले में एक नाबालिग जोड़े (छात्र-छात्रा) के साथ सरेआम सड़क पर हुई बदसलूकी और छेड़छाड़ का वीडियो वायरल होने के बाद, बिहार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 19 सितम्बर 2026 की शाम कुंदर डैम इलाके की बताई जा रही है।गिरफ्तार किए गए तीनों युवकों के नाम मिथिलेश कुमार, प्रमोद कुमार, और गोलू कुमार हैं। ये सभी जमुई जिले के मरवा गांव के रहने वाले हैं और इनकी उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच है।सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में कुछ युवक एक नाबालिग जोड़े को घेरकर उनके साथ बेहद अभद्र व्यवहार, मारपीट और लड़की से जबरन छेड़छाड़ (बैड टच) करते नजर आ रहे थे। पीड़ित बार-बार हाथ जोड़कर छोड़ने की मिन्नतें कर रहे थे।




