आज बिहार में विपक्षी दलों ने मतदाता गहन पुनरीक्षण के खिलाफ चक्का जाम किया। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी बुधवार को बिहार चक्का जाम में शामिल हुए। पटना में राहुल गांधी ने कहा ”मैं हिंदुस्तान और बिहार की जनता को बताना चाहता हूं कि जैसे महाराष्ट्र का चुनाव चोरी किया गया था, उसी तरह बिहार का चुनाव भी चोरी करने की कोशिश की जा रही है।उन्हें पता चल गया है कि हमें महाराष्ट्र मॉडल समझ आ गया है, इसलिए अब वे बिहार मॉडल लेकर आए हैं।मैं आपको साफ बताना चाहता हूं कि यह गरीबों का वोट छीनने का तरीका है, लेकिन इनको पता नहीं है कि ये बिहार है और बिहार की जनता ऐसा कभी नहीं होनी देगी।”
राहुल गांधी ने कहा ”कुछ महीने पहले महाराष्ट्र और हरियाणा में लोकसभा का चुनाव हुआ था और उसके कुछ ही दिन बाद वहां विधानसभा का चुनाव हुआ।लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र में INDIA गठबंधन जीत गया और विधानसभा के चुनाव में कुछ ही महीने बाद INDIA गठबंधन हार गया।हमने इसपर ज्यादा कुछ बोला नहीं, लेकिन हमने डाटा देखना शुरू किया तो हमें पता लगा कि लोकसभा और विधानसभा में 1 करोड़ नए वोटर शामिल हुए। मतलब विधानसभा में 10% ज्यादा वोटरों ने वोट किया।जब हमने पता लगाया कि यह वोटर कहां से आए, ये कौन हैं तो पता चला कि जिन क्षेत्रों में वोटर बढ़े, वहां वोट BJP को गया। एक बिल्डिंग में 4000-5000 वोटर रजिस्टर हुए और गरीबों के वोट काटे गए।जब हमने चुनाव आयोग से कहा कि आप हमें वोटर लिस्ट दीजिए, वीडियोग्राफी दीजिए तो चुनाव आयोग ने इसपर एक शब्द नहीं कहा। हमें आज तक महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट नहीं मिली और वीडियोग्राफी का कानून बदल दिया गया।ये सब इसलिए किया गया, क्योंकि ये सच्चाई छिपाना चाहते हैं।”
राहुल गांधी ने कहा”INDIA गठबंधन के लोग चुनाव आयोग से जाकर मिले, लेकिन वहां से आकर हमारे लोगों ने कहा कि चुनाव आयोग BJP-RSS की तरह बात कर रहा है।चुनाव आयोग भूल गया है कि वह किसी राजनीतिक पार्टी का नहीं है। वो हिंदुस्तान के इलेक्शन कमिश्नर हैं और उनका काम संविधान की रक्षा करने का है।मैं साफ संदेश देना चाहता हूं कि आपको जो करना है, करिए.. लेकिन बाद में कानून आप पर लागू होगा। भूलिए मत.. आप कितने भी बड़े हों, कहीं भी बैठे हों, मैं आपको गारंटी दे रहा हूं कि कानून आपको नहीं छोड़ेगा।चुनाव आयोग का काम, BJP के लिए काम करने का नहीं है। चुनाव आयोग का काम संविधान की रक्षा करने का है, लेकिन ये अपना काम नहीं कर रहे हैं।पहले इलेक्शन कमिश्नर सिर्फ BJP नहीं चुनती थी। पहले इलेक्शन कमिश्नर को चुनने का काम BJP, विपक्ष और CJI करते थे, लेकिन मोदी सरकार ने CJI को हटा दिया और BJP ने हमें भी साफ़ कह दिया कि ये नाम है और हमने इन्हें चुना है।”




