सुप्रीम कोर्ट ने 2 जनवरी को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में झारखंड कैडर की निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को एक महीने के लिए अपनी बीमार बेटी की देखभाल के लिए अंतरिम जमानत दे दी थी।न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति अभय एस ओका की पीठ ने प्रवर्तन निदेशालय को पूजा की मुख्य जमानत याचिका पर तीन सप्ताह में जवाब देने का भी निर्देश दिया। 6 फरवरी को पूजा की जमानत अवधि समाप्त हो रही थी। जिसे देखते हुए पूजा ने आज ईडी की विशेष अदालत में सरेंडर कर दिया है। जिसके बाद जस्टिस पीके शर्मा की अदालत ने उन्हें 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया है।
बता दें कि पूजा की मुख्य जमानत याचिका पर एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग जांच एजेंसी की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने कहा था कि याचिका गलत है और इसमें कोई दम नहीं है।शीर्ष अदालत, जिसने अब निलंबित आईएएस अधिकारी की याचिका को 6 फरवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है, ने कुछ शर्तें लगाई थी, जिसमें यह भी शामिल था कि जब तक शहर में सुनवाई के लिए अदालत का मामला सूचीबद्ध नहीं हो जाता, तब तक वह रांची नहीं आएंगी। मालूम हो कि ईडी ने राज्य के खान विभाग के पूर्व सचिव सिंघल पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया है और कहा है कि उनकी टीम ने मनी लॉन्ड्रिंग की दो अलग-अलग जांचों के तहत कथित अवैध खनन से जुड़ी ₹36 करोड़ से अधिक की नकदी जब्त की है।सिंघल 11 मई से उनसे जुड़ी संपत्तियों पर छापेमारी के बाद से हिरासत में हैं।



