Ranchi : मवेशी कांड पर बात करते हुए गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरूवार को पोस्ट किया ”बांग्लादेश गाय को काटने ले ज़ाया जा रहा था,मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी मोहनपुर थाना की पुलिस मेरे एस्कॉर्ट्स में थी,गाय व तस्कर अफरोज व मुश्ताक़ को आपकी पुलिस ने पकड़ा,मेरे साथ सुरक्षा के १२ लोग मौजूद,लेकिन केस गौ तस्कर नहीं मेरे उपर हुआ ।बांग्लादेशी गौ तस्करी का संरक्षक कौन ? कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता गौ माता की रक्षा के लिए मैं जेल जाने को तैयार हूँ,यह धर्म युद्ध है आततायीयों के खिलाफ।” मामले में एक और पोस्ट करते हुए सांसद ने आज कहा ”मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी,पकड़े गए बंगलादेशी गाय तस्कर अफ़रोज़ व मुस्ताक जो वीडियो में दिखाई दे रहे हैं,उनको झारखण्ड पुलिस ने या तो भगा दिया या हत्या कर दी ? मेरे उपर केस करने वाले ऐसे आदमी हैं जो मुसलमान हैं और देवघर के गाँव बलथर के हैं।मोहनपुर थाने के पुलिस जो वीडियो में तस्कर को पकड़ते दिख रहे हैं,उनके उपर अफरोज व मुस्ताक की हत्या का केस दर्ज करिए.”
अपने एक अलग पोस्ट में संसद दुबे ने लिखा ”गौ वंश का बांग्लादेश के कसाई के हाथों हत्या नहीं हो,तस्करों को पुलिस से पकड़वाया ।झारखण्ड पुलिस ने उलटे मेरे उपर केस किया,जॉंच के लिए जब जब पुलिस बुलाएगी ,हमेशा जाऊँगा,झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी जी भी हमेशा मौजूद रहेंगे ।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी की तरह हम डरपोक या भगौड़ा नहीं हैं ।क़ानून का सामना करेंगे.”
मामले पर झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी ”देवघर ज़िले में गौ तस्करों को बांग्लादेश ले जा रहे सैकड़ों पशुधन के साथ पुलिस से पकड़वाने वाले सांसद निशिकांत दुबे जी पर ही कल एफ़आइआर। आज किसी गिरफ़्तार अपराधी का फ़ोटो खींचने वाले पत्रकार पर देवघर में एफ़आइआर। समझ में नहीं आता हेमंत सोरेन जी ये आपको कौन सा पागलपन सवार हो गया है? चार साल में विरोधियों को सताने और चुप कराने के लिये दो-ढाई सौ फ़र्ज़ी केश-मुक़दमा कराके भी मन नहीं भरा है क्या? समझ में नहीं आ रहा है कि जो लोग आपको ये सब ग़लत काम करने की सलाह दिये हैं और दे रहे हैं वो आपका भला करना चाहते हैं या आपकी कब्र खोदकर सोरेन राज परिवार के आतंक से झारखंड को स्थायी रूप से मुक्त कराने की दूरगामी योजना को सफल बनाने का काम कर रहे हैं?”
गौरतलब है कि मोहनपुर थाना क्षेत्र में देवघर-गोड्डा मुख्य मार्ग पर घाघरा मोड़ के पास 26 दिसंबर को दर्ज शिकायत के आधार पर गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे और कुछ अज्ञात समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गायों को ले जा रहे दो व्यक्तियों को सांसद के अंगरक्षकों ने हिरासत में लिया और पुलिस को सौंप दिया।सूत्रों के अनुसार बलथर गांव निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दिए आवेदन में कहा है कि वह मवेशी खरीद कर मोहनपुर हाट जा रहा था.कथित तौर पर, वहां से गुजर रहे डॉ. निशिकांत दुबे और कई लोगों ने अपनी कार रोकी, तीन-चार लोगों के साथ उतरे और मवेशियों को भगा दिया।शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि उन पर बांग्लादेशी होने का आरोप लगाया गया और पुलिस को सौंप दिया गया।पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले आई, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर मामला दर्ज किया गया है, जिसमें सांसद डॉ निशिकांत दुबे समेत तीन-चार अज्ञात लोगों पर मवेशियों को जबरन ले जाने और उन्हें बांग्लादेशी करार देने का आरोप लगाया गया है.



