लोहरदगा : आज संसद में बजट सत्र के पहले दिन लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने आदिवासियों की प्राकृतिक आस्था, पूजा पद्धति, विशिष्ट रीति रिवाज के संरक्षण और संस्कृति की रक्षा हेतु “केंद्र सरकार” से अविलंब “जनगणना कॉलम में सरना धर्म कोड” लागू करने की मांग की। सांसद सुखदेव भगत का कहना है कि आदिवासी प्रकृति के पुजारी है। इनकी आस्था परम्परा और संस्कृति की रक्षा के लिए “सरना धर्म” जनगणना में शामिल करो। जंगल में बाघ / शेर की गणना हो सकती है तो आदिवासियो की धार्मिक पहचान क्यो नही?यह एक बड़ा विरोधाभास है और आदिवासियों को मौलिक अधिकारों से वंचित करता है।”




