रांची. वक्फ संसधोन विधेयक 2025 के विरोध में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के निर्देश के अनुसार मजलिस-ए-उलमा झारखंड के द्वारा 13 अप्रैल 2025 को 03 बजे से 04 बजे अल्बर्ट एक्का चौक से सुजाता चौक ‘ तक रोड के दोनो किनारे (कट सड़क छोड़कर) शांतिपूर्ण मानव श्रृंखला प्रोग्राम था जिसे जिम्मेदारों के द्वारा कैंसिल कर दिया गया.मोहम्मद शाहिद अय्यूबी अध्यक्ष झारखंड मुस्लिम युवा मंच को हाउस अरेस्टिंग किया गया.सुबह 9:00 से लेकर संध्या 5:00 बजे तक इनको निगरानी में रखा गया।मालूम हो कि जिला प्रशासन ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी साथ ही 2022 में हाईकोर्ट के आदेश का भी हवाला दिया गया कि कोई भी प्रोटेस्ट मुख्य मार्ग महात्मा गांधी रोड में नहीं किए जाने का निर्देश दिया गया है।वक्फ बिल के विरोध में आज मुसलमानों का विरोध ह्यूमन चेन के माध्यम से रांची मेन रोड में होना था. लेकिन प्रशासन के मना करने के बाद इसे स्थगित कर दिया गया।वक्फ बिल के विरोध में मानव श्रृंखला निकालने की इजाजत नहीं मिली।ऑल मुस्लिम यूथ एसोसिएशन के नेता एस. अली ने कहा कि बहुमत के बल पर वक्फ कानून में संशोधन किया गया है. ये धार्मिक स्वतंत्रता और समता के अधिकार का हनन है. इसके खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।महाधरना में वक्ताओं ने कहा कि वक्फ में संशोधन के खिलाफ पहले जामताड़ा में विरोध प्रदर्शन के बाद आज रांची में प्रदर्शन है. इसके बाद कल यानी सोमवार को हजारीबाग में प्रदर्शन किया जाएगा. इसके बाद दूसरे जिलों में भी इसी तरह के प्रदर्शन होगा.राजभवन के समक्ष धरने पर बैठे मुस्लिम संगठनों से मौलाना मो. असगर मिस्बाही ने कहा कि केंद्र में बैठी सरकार मुस्लिम और इस्लाम विरोधी होने के साथ साथ देश विरोधी भी है. पहले इन्होंने शरीयत के खिलाफ जाकर तीन तलाक पर कानून बनाया और अब वक्फ कानून में संशोधन किया है जो संविधान के भी खिलाफ है.




