झारखण्ड : अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के मंत्री चमरा लिंडा कहा है कि सरकारी विद्यालयों के बच्चों को नियमित सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग को सुनिश्चित करना है। मैं लगातार इसके लिए आवश्यक कदम उठा रहा हूँ।मंत्री चमरा लिंडा ने झारखंड के अनुसूचित जाति, जनजाति और आदिवासी क्षेत्रों में सरकारी विद्यालयों की शैक्षणिक सुविधाओं में सुधार को लेकर आदिवासी कल्याण आयुक्त अजय नाथ झा से मुलाकात की।इस दौरान उनके बीच पिछले दिनों निरीक्षण के दौरान बच्चों से जुड़ी जो कमियां नजर आयी थी उसे त्वरित सुधार करने को लेकर बातें हुईं।मंत्री ने निर्देश दिया है कि मुख्यालय एवं क्षेत्रीय अधिकारी प्रत्येक शुक्रवार और शनिवार को क्षेत्र भ्रमण करें। पिछड़ी जाति के लंबित 2023-24 सत्र के पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 157 करोड़ विमुक्त किए जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित किया। आयुक्त अजय नाथ झा ने बताया कि ”माननीय मंत्री चमरा लिंडा ने पिछड़ा वर्ग के सत्र 2023-24 के लिए 157 करोड़ उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर अनुमति प्रदान करते हुए वित्त विभाग को भेजा है। वित्त की अनुमति मिलते ही राशि आवंटित की जाएगी।सभी जिलों में पिछड़ा वर्ग के कुछ कुछ छात्र ही भुगतान के लिए रह गए हैं; आप इस बीच अपने बैंक खाता को आधार से लिंक करने और KYC का कार्य कर लें ताकि भुगतान के समय अड़चन न आए।” बता दें कि मंत्री ने पूरे राज्य में आदिवासी हेल्थ एटलस तैयार करने का निर्देश दिया।उन्होंने निर्देश दिया कि कल्याण विभाग संचालित विद्यालयों के बच्चों को राज्य के भीतर और पूरे देश में ‘एक्सपोजर विजिट’ कराया जाए। मंत्री चमरा लिंडा ने निर्देश दिया कि अगले शैक्षणिक सत्र 2025-26 का अगस्त-सितम्बर तक छात्रवृत्ति वितरण पूर्ण हो इसके लिए कार्या योजना तैयार की जाए। सत्र 2025-26 में साईकिल वितरण का कार्य बच्चों के नामांकन के साथ पूरा किया जाए, ताकि पूरे सत्र बच्चे उसका उपयोग कर सकें। इसके आलावा मंत्री ने कहा है कि आदिवासियों, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग की सुविधा राँची और दिल्ली में प्राप्त हो इसके लिए योजना तैयार की जाए। मंत्री ने कहा कि सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में टेली मेडिसीन की भी सुविधा शुरू की जाए इसके लिए भी योजना तैयार की जाए।




