कर्नाटक, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र वाला गेम क्यों झारखण्ड में हुआ फेल, आत्मविश्वास से लबरेज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कैसे दे दी बीजेपी को पटखनी

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कर्नाटक मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में जनादेश से लाई गई सरकार को किस तरह उठा पटक कर बदल दिया गया इससे पूरा देश वाकिफ है ओर झारखण्ड भी निशाने पर है यह किसी से छुपा नही है लेकिन आत्मविश्वास से लबरेज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी कार्यकुशलता ओर फैसले से लगातार झारखण्ड को बचा रहे है , हालांकि महागठबंधन की सरकार बनने और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के शपथ ग्रहण के दिन से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि सरकार नहीं चलेगी नहीं टिकेगी , बस और 3 महीने , बस 6 महीने और चलेगी सरकार , ये सभी बाते इस हेमंत सरकार के दौरान आम सी हो गई है , हर दूसरे दिन कोई न कोई सरकार गिराने की बात करता नजर आ जायेगा , कोई बम फोड़ रहा है कोई एटम बम , क्या क्या नही चल रहा झारखंड में I हालांकि कई बार नाकाम साजिशे भी रची गई सरकार को अस्थिर करने की लेकिन हर बार हेमंत सोरेन ओर भी ज्यादा आत्मविश्वास से लबरेज दिखाई दिए और मुंहतोड़ जवाब भी दिया , उन्हे भरोसा था अपने नेतृत्व पर और अपने कार्यकुशलता साथ साथ में अपने टीम पर जो कुछ पल के लिए घबरा तो सकते है लेकिन उनका साथ नहीं छोड़ सकते है I इन्ही सारे षड्यंत्रों के बीच मुख्यमंत्री हेमंत लगातार दे दनादन फैसले फैसले पर फैसले लिए जा रहे थे , वादे अनुरूप कार्यों को करते जा रहे थे फिर चाहे वह पुरानी पेंशन योजना की बात हो , आंगनबाड़ी सेविकाओं की बात हो , ओबीसी आरक्षण या फिर राज्य के सम्मान 1932 की बात हो , सभी वादों को लगातार मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन पूरा कर रहे थे , इस बीच जनता में भी अपार खुशी की लहर है ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति प्यार और समर्थन भी बढ़ता गया I साथ ही अगर मौजूदा राजनैतिक परिस्थितियों पर अगर गौर करे तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को देखकर ऐसा लगता है की वह हर तूफान का सामना करने के लिए पहले से तैयार खड़े है और उनके पास हर उस सवाल का जवाब पहले से तैयार है जो झारखण्ड को और उन्हे परेशान कर सकती है , अब हाल के ही मामले को देखे जिस तरह से ईडी ने उन्हें खनन पट्टा लीज मामले में पूछताछ के लिए बुलाया और उससे पहले ही मुख्यमंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से सारे जवाब मीडिया के सामने रख दिए और फिर जब रात के 10 बजे मुख्यमंत्री पूछताछ के बाद ईडी कार्यालय से बाहर निकले तो उनके आत्मविश्वास से लबरेज मुस्कान यह बताने के लिए काफी था कि उन्हें कोई डिगा नहीं सकता उसके बाद दूसरे दिन मुख्यमंत्री ने अपने आवासीय कार्यालय के बाहर अपने समर्थन में आए पूरे जनसैलाब को सीधे सीधे शब्दों में कह दिया कि झारखंड में आने वाले हर तूफान को अब पहले मुझसे टकराना होगा और मुझे जनता की सेवा करने से रोक नहीं सकता मैं झारखंड आंदोलनकारी गुरुजी का पुत्र हूं और ये लोग मुझे डरा नहीं सकते I तो कह सकते है की पिता और अपने खानदान से जो नेतृत्व की क्षमता और कार्यकुशलता उन्हे जो विरासत के रूप में मिली है वही उन्हे और झारखंड को हर बार जीत दिला रही है

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