Jharkhand High Court directs state government to form panel to probe Trikut ropeway tragedy
झारखंड उच्च न्यायालय ने आज राज्य सरकार को त्रिकुट रोपवे त्रासदी की जांच के लिए एक समिति गठित करने और अपनी रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।बीआईटी मेसरा और सीआईएमएफआर ने अदालत के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने निर्देश दिया।
बता दें कि,उच्च न्यायालय ने 12 अप्रैल को इस साल 10 अप्रैल को हुई रोपवे त्रासदी पर स्वत: संज्ञान लिया था, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई थी। घटना के पीछे का कारण अभी भी एक रहस्य है और राज्य सरकार अब तक इस घटना के पीछे कोई कारण नहीं बता पाई है। रोपवे को दामोदर रोपवे इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (DRIL) द्वारा स्थापित और चलाया गया था।हाईकोर्ट ने 25 अप्रैल को मामले की सुनवाई के दौरान बीआईटी मेसरा और सीआईएमएफआर धनबाद की रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लाने का निर्देश दिया था.देवघर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत देवघर-दुमका मुख्य मार्ग पर त्रिकुट पर्वत पर रोपवे है। त्रिकूट पर्वत के रोपवे का तार टूट गया था। उसमें सवार कई यात्री ट्रॉली में ही फंस गए। इसे निकालने के लिए सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन रेस्क्यू में लगा हुआ है.
Jharkhand High Court directs state government to form panel to probe Trikut ropeway tragedy
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