झारखंड: वर्ष 2026 से स्कूलों में पढ़ाई जायेगी दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जीवनी

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shibu soren

झारखंड के स्कूलों में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जीवनी पढ़ाई जायेगी. पाठ्यक्रम में उनकी जीवनी, समाज सुधार के प्रयास व उनके संघर्ष को शामिल किया जायेगा. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर प्रक्रिया शुरू की है. इस संबंध में विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को बैठक हुई. इसमें पाठ्यक्रम में शामिल किये जानेवाले शैक्षणिक सामग्री के कंटेट पर विचार किया गया.निर्णय लिया गया कि दिशोम गुरु की जीवनी को कक्षा एक से लेकर 12वीं तक में शामिल किया जायेगा. उनकी जीवनी अलग-अलग कक्षा में अलग-अलग किताब में शामिल की जायेगी. हिंदी, अंग्रेजी, सामाजिक अध्ययन, पर्यावरण विज्ञान विषय में गुरुजी की जीवनी को अलग-अलग अध्याय में शामिल किया जायेगा. बैठक में शिक्षा सचिव ने 31 अगस्त तक इस संबंध में ड्राफ्ट फाइनल करने का निर्देश दिया. इसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जायेगी. अगले सत्र के लिए प्रिंट होनेवाली किताब में इसे शामिल किया जायेगा.

कक्षा एक, दो, चार, छह, सात, आठ, नौवीं, 11वीं में दिशोम गुरु की जीवनी बच्चों को पढ़ाई जायेगी.कक्षा एक व दो में चित्रकथा के रूप में बच्चों को गुरुजी की जीवनी की जानकारी दी जायेगी. इसमें पहले अध्याय में गुरुजी का जीवन परिचय दूसरे में उनके संकल्प के बारे में बताया जायेगा. यह हिंदी व अंग्रेजी विषय में शामिल होगा. कक्षा चार में कविता व कहानी के रूप में गुरुजी के पर्यावरण संरक्षण को लेकर किये गये कार्य के बारे में बताया जायेगा, जिसमें गुरुजी लोगों को पेड़ लगाने व उसके महत्व के बारे में बताते हैं.वर्ष 2026 से बच्चों को जो किताबें मिलेंगी, उसमें गुरुजी की जीवनी शामिल होगी.कक्षा एक से 12वीं तक कुल आठ कक्षाओं की किताबों में एक-एक चैप्टर होगा.

कक्षा छह में सामाजिक विज्ञान विषय में गुरुजी के नशा विरोधी अभियान, स्थानीय स्वशासन को लेकर उनके द्वारा किये गये प्रयास व उनके विचार के बारे में पढ़ाया जायेगा.दिशोम गुरु की जीवनी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, पर्यावरण अध्ययन, सामाजिक विज्ञान विषय में शामिल की जायेगी.कक्षा सात में गुरुजी द्वारा शुरू किये गये अकिल अखाड़ा (रात्रि पाठशाला) के बारे में पढ़ाया जायेगा. वहीं कक्षा आठ में हिंदी विषय में गुरुजी के जीवन के मानवीय पहलू की जानकारी बच्चों को दी जायेगी. कक्षा आठ में

हिंदी के अलावा सामाजिक विज्ञान विषय में भी गुरुजी के जीवन से जुड़े अध्याय शामिल होंगे. जिसमें उनके द्वारा चलाये गये आंदोलन के बारे में बच्चों को जानकारी दी जायेगी.पाठ्‌यक्रम में दिशोम गुरु की जीवनी को शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है. अलग-अलग कक्षाओं में बच्चों को उनकी जीवनी को अलग-अलग अध्याय के रूप में पढ़ाने का प्रस्ताव है. इसके लिए पाठ्‌य सामग्री का ड्राफ्ट 31 अगस्त तक फाइनल हो जायेगा

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