रांची/लंदन। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लंदन दौरे के दौरान यूके की संसदीय अवर सचिव (समानता एवं इंडो-पैसिफिक मामलों की मंत्री) सीमा मल्होत्रा से मुलाकात की। बैठक में झारखंड और यूनाइटेड किंगडम के बीच शिक्षा, कौशल विकास और समावेशी विकास के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर विचार-विमर्श हुआ।यूके पक्ष ने मरांग गोमके जयपाल मुंडा ओवरसीज स्कॉलरशिप तथा चेवनिंग–मरांग गोमके स्कॉलरशिप की सराहना करते हुए इन्हें भारत–यूके साझेदारी का एक सशक्त और जीवंत उदाहरण बताया। इन छात्रवृत्तियों के माध्यम से झारखंड के छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अध्ययन के अवसर मिल रहे हैं।बैठक में स्थिरता से जुड़ी गुरुजी छात्रवृत्तियों, नेतृत्व विकास और मेंटरशिप कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही महिला सशक्तिकरण के लिए झारखंड सरकार द्वारा की जा रही पहलों, विशेषकर खेलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के प्रयासों पर भी दोनों पक्षों ने विचार साझा किए।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग से झारखंड के युवाओं और महिलाओं को वैश्विक अवसर मिलेंगे, जिससे राज्य के समावेशी विकास को नई दिशा मिलेगी।
मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना से युवाओं को मिल रहा वैश्विक अवसर : मंत्री दीपक बिरुआ
झारखंड सरकार की मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना को लेकर राज्य के युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। इस योजना के तहत बड़ी संख्या में युवा विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आवेदन कर रहे हैं। यह बात राज्य के मंत्री दीपक बिरुआ ने कही।मंत्री दीपक बिरुआ ने बताया कि विभागीय मंत्री रहते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस योजना के अंतर्गत चयनित युवाओं की संख्या बढ़ाने का आग्रह किया था। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा था कि यदि राज्य 25 बच्चों को विदेश में उच्च शिक्षा के लिए भेज सकता है, तो 100 बच्चों को यह अवसर क्यों नहीं दिया जा सकता। इसी सोच के साथ ठोस निर्णय लिया गया और योजना को विस्तार दिया गया।उन्होंने बताया कि अब इस योजना के तहत 50 होनहार युवा शत-प्रतिशत छात्रवृत्ति पर विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना, 2020 (संशोधित 2022) के अंतर्गत कोटिवार छात्र-छात्राओं की अनुमानित संख्या में वृद्धि की गई है।मंत्री ने कहा कि अब तक सैकड़ों विद्यार्थी इस योजना के माध्यम से विदेशों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर वापस लौट चुके हैं और वर्तमान में भी झारखंड के प्रतिभाशाली युवा विदेशों में अध्ययन कर अपना भविष्य संवार रहे हैं। हाल ही में लंदन में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का स्वागत कर ‘जोहार’ की गूंज को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सशक्त किया। मंत्री दीपक बिरुआ ने सभी अध्ययनरत विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि अबुआ सरकार युवाओं के साथ खड़ी है और उन्हें आगे बढ़ने के हर अवसर उपलब्ध कराएगी।




