रांची की विशेष PMLA अदालत ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और जमीन के रैयत रामकुमार पाहन के खिलाफ आरोप गठन (Framing of Charges) की सुनवाई को टाल दिया है। दोनों पक्षों द्वारा समय मांगे जाने के बाद अदालत ने यह निर्णय लिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और रामकुमार पाहन ने अदालत को बताया कि पीएमएलए कोर्ट द्वारा उनकी डिस्चार्ज याचिका (Discharge Petition) खारिज किए जाने के खिलाफ उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में अपील दायर की है। चूंकि हाईकोर्ट में इस अपील पर सुनवाई अभी लंबित है, इसलिए उन्होंने कोर्ट से समय की मांग की थी।यह पूरा विवाद रांची के बड़गाईं अंचल में स्थित 8.86 एकड़ जमीन के कथित फर्जीवाड़े और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) से संबंधित है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रही है। इस मामले में कुल 17 आरोपी हैं। हेमंत सोरेन और रामकुमार पाहन के अलावा तत्कालीन राजस्व उपकर्मी भानु प्रताप प्रसाद और जेएमएम नेता अंतू तिर्की सहित 14 अन्य आरोपियों पर अदालत पहले ही आरोप तय कर चुकी है।




