सिक्किम में ल्होनक झील के ऊपर बादल फटने से तीस्ता नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद सिक्किम में 7,000 पर्यटक फंसे हैं. सेना ने बाढ़ में फंसे हजारों लोगों को राहत पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टरों का उपयोग करके बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है। राज्य के अधिकारियों ने कहा कि 105 से अधिक लोगों की तलाश जारी है जो अभी भी लापता हैं। मलबे से नौ सैन्यकर्मियों सहित 33 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं. बाढ़ ने 60,870 लोगों को प्रभावित किया है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से अभी तक 2,563 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है .जानकारी के अनुसार इस बाढ़ में झारखण्ड के 120 मजदूर फंसे हैं. जो की गुमला, सिमडेगा व लोहरदगा के रहने वाले बताए जा रहे हैं . झारखंड के मजदूरों ने मजदूर संघ के जरिये जिला प्रशासन से सभी फंसे मजदूरों को बचाने की मांग की है.भूस्खलन के दौरान सिक्किम में फसे जिले के 5 प्रवासी श्रमिकों का स्वागत जिला श्रम अधीक्षक द्वारा रांची रेलवे स्टेशन पर किया गया। शेष सभी श्रमिकों को भी सकुशल गुमला लाने हेतु कारवाई की जा रही है।



