पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के अंबाला से सांसद रतन लाल कटारिया का यहां संक्षिप्त बीमारी के बाद गुरुवार को निधन हो गया। वह 71 वर्ष के थे।कटारिया के निधन पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, भाजपा और सभी दलों के वरिष्ठ नेताओं ने शोक व्यक्त किया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कटारिया के निधन पर दुख व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने जनसेवा और सामाजिक न्याय के लिए अहम योगदान दिया।कटारिया को निमोनिया की शुरुआती शिकायत के बाद यहां पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च में भर्ती कराया गया था।एक सहयोगी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि बाद में उन्हें स्वास्थ्य संबंधी अन्य दिक्कतें हुईं और इलाज के लिए अस्पताल में ही रहना पड़ा।पिछले कुछ दिनों से उन्हें बुखार चल रहा था। बुधवार को उनकी तबीयत और बिगड़ गई, उन्होंने कहा कि कटारिया का निधन तड़के करीब साढ़े तीन बजे हुआ।कटारिया के परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। उनका अंतिम संस्कार दोपहर में यहां मनीमाजरा में किया जाएगा।
कटारिया ने मई 2019 से जुलाई 2021 तक केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय और सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया।वह 1999, 2014 और 2019 में अंबाला से लोकसभा के लिए चुने गए थे।भाजपा के एक प्रमुख दलित चेहरे, कटारिया ने 2000 से 2003 तक पार्टी की हरियाणा इकाई के प्रमुख के रूप में कार्य किया।वह हरियाणा सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।बाल कलाकार के रूप में कटारिया को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से पुरस्कार मिला था।खट्टर ने शोक व्यक्त करते हुए कहा, कटारिया जी के निधन से गहरा दुख हुआ है।कटारिया के पंचकूला स्थित आवास पर विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता के साथ पहुंचे हरियाणा के मुख्यमंत्री ने हिंदी में ट्वीट कर कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री ने संसद में हमेशा समाज के हित और प्रदेश के लोगों की प्रगति के लिए आवाज उठाई।उन्होंने कहा कि कटारिया का निधन राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है।



