राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा हमें राजनीतिक आलोचना से कोई प्रॉब्लम नहीं है पर हमें अपने जवानों का अपमान नहीं करना चाहिए। जब मैं देखता हूं कि सलाह कौन दे रहा है तब मैं सिर्फ झुक सकता हूं और सम्मान कर सकता हूं। जवानों के लिए पिटाई शब्द का प्रयोग नहीं होना चाहिए। प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से हमें अपने जवानों की आलोचना नहीं करनी चाहिए। यांग्त्से में 13 हजार फीट की ऊंचाई पर खड़े होकर हमारे जवान हमारी सीमा की रखवाली कर रहे हैं। हमें उनका सम्मान और सराहना करनी चाहिए। भारतीय सेना को सीमा पर किसने भेजा ,यदि हम चीन के प्रति उदासीन थे तो । यदि हम चीन के प्रति उदासीन थे तो आज क्यों चीन पर डी-एस्केलेशन और डिसइंगेजमेंट के लिए दबाव बना रहे हैं? सार्वजनिक रूप से हम क्यों कह रहे हैं कि हमारे संबंध सामान्य नहीं हैं?



