यूपी: शुक्रवार 18 जुलाई को सीएम योगी ने वाराणसी में कहा कि मुहर्रम का हर जुलूस उत्पात, आगजनी और तोड़फोड़ का कारण बनता था. दूसरी तरफ कांवड़ यात्रा चल रही है, जो एकता का अद्भुत संगम है. सीएम कहते हैं जौनपुर में एक घटना हुई ताजिया को इतना ऊंचा किया कि हाई टेंशन लाइन की चपेट में आ गए। 3 लोग मारे गए,बाद में उपद्रव हुआ और रोड जाम कर दिया. पुलिस ने मुझसे पूछा तो मैंने कहा लाठी मा*रो इनको। ये लातों के भूत हैं,बातों से नहीं मानेंगे।
सीएम योगी ने कहा कि सावन में कांवड़ यात्रा निकल रही है. लोग 200 से 400 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे हैं. वह कंधे पर जलकर लेकर हर हर बम बोलते चल रहे हैं, उनका भी मीडिया ट्रायल होता है. उन्हें उपद्रवी और आ*तंकवादी तक लोग कहते हैं. ये वही लोग हैं जो भारत की विरासत और आस्था को अपमानित करने का काम करते हैं. ये वही लोग हैं जो फर्जी अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष फैलाने का काम करते हैं.
सीएम योगी के बयान पर यूपी कॉंग्रेस ने कहा “मुहर्रम का हर जुलूस उत्पात, आगजनी और तोड़फोड़ का कारण बनता था..”ये बयान है योगी आदित्यनाथ जी का.. क्या ये बयान एक मुख्यमंत्री को शोभा देता है?मुख्यमंत्री जी, जब आप पैदा भी नहीं हुए थे, तब से इस देश में मुहर्रम के ताज़िये हिंदुओं के कंधों पर उठने और कांवड़ियों को मुस्लिम मोहल्लों में पानी पिलाए जाने की प्रथा चलती चली आ रही है।…लेकिन आज आप मंच से ज़हर उगल रहे हैं, ताकि दंगे हों, वोट बटोरे जाएं।अपनी नहीं तो कम से कम अपने पद की तो गरिमा रखिए!देश को तोड़ने की राजनीति बंद कीजिए!




