सीएम सोरेन खतियानी जोहार यात्रा के दौरान यात्रा को मिल रही समर्थन को देखते हुए आत्मविश्वास से लबरेज दिखे। यात्रा एक तरीके की एकता गठबंधन में दिखी भाजपा के लिए भी संदेश है कि आने वाले दिनों में झामुमो कांग्रेस और राजद की तिकडी गुल खिल सकती है। भीड़ को देखने के बाद यह स्पष्ट हो चला है कि अब हेमंत सोरेन झारखंड के सर्वमान्य नेता है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का ने पारसनाथ पहाड़ी को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होने कहा है कि मरांग बुरु (Marang Buru) हमारा था, और हमारा ही रहेगा. यह विपक्ष (भाजपा) का हिडेन एजेंडा है. उन्होंने आदिवासी समाज को कहा है कि वे निश्चित रहें. मुख्यमंत्री ने यह बयान संथाली भाषा में कहा है कि वे निश्चित रहें. मुख्यमंत्री ने यह बयान संथाली भाषा में दिया. सीएम ने कहा है कि हालिया दिनों में पारसनाथ मरांग बुरू (Marang Buru) को लेकर एक नया बीज डाल दिया है. जैन और आदिवासी समुदाय के पुरसनाथ बीच विवाद बढ़ाने की यह एक साजिश है. इससे पहले कभी भी दोनों समुदाय के बीच किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं था. विपक्ष द्वारा जहर डालने और षड़यंत्र करने का एक छोटा प्रयास है. आप चिंता नहीं करें. बस सावधान रहें. चिंता इसलिए नहीं करें, क्योंकि वे आपके साथ खड़े हैं.
बता दें कि पारसनाथ पहाड़ी को लेकर राज्य के आदिवासी समुदाय और देशभर के जैन समाज के लोग आमने-सामने हैं. जैन समाज के लोग जहां इसे अपना सबसे पवित्र तीर्थ स्थल सम्मेद शिखर बता रहे हैं.और देशभर के जैन समाज के लोग आमने-सामने हैं. जैन समाज के लोग जहां इसे अपना सबसे पवित्र तीर्थ स्थल सम्मेद शिखर बता रहे हैं. वे इसे पर्यटन क्षेत्र से बाहर करने और तीर्थ स्थल घोषित करने की मांग को लेकर लगातार देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. जवाब में आदिवासी समुदाय इसे मरांग बुरु घोषित करने की मांग पर अड़ गए हैं. आदिवासी समुदाय द्वारा भी लगातार पूरे राज्य में विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है.
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