जमशेदपुर के गोपाल मैदान में जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र से झारखंड मुक्ति मोर्चा/ इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार समीर कुमार मोहंती के पक्ष में आयोजित चुनावी जनसभा में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, कल्पना मुर्मू सोरेन शामिल हुए।अरविंद केजरीवाल ने संबोधित किया झारखंड का बच्चा-बच्चा हेमंत सोरेन जी से प्यार करता है और उनके जेल जाने से आप सभी को पीड़ा हो रही है।मेरे भाई Hemant Soren जी के जेल जाने के बाद भाभी कल्पना सोरेन जी ने कमान संभाली और वह झांसी की रानी बनकर नरेंद्र मोदी को झारखंड से भगाएंगी।नरेंद्र मोदी ने जिस मंशा से मुझे जेल में डाला था, उसी मंशा से हेमंत सोरेन को जेल में डाला। ये सोच रहे थे कि ऐसे ये लोग JMM को तोड़ देंगे और सरकार गिरा देंगे। लेकिन हुआ इसके बिलकुल विपरीत, JMM और भी मजबूत हो गई।मैं Hemant Soren जी के लिए दिल्ली की जनता का संदेश लेकर आया हूँ:We all love you कोरोना काल के समय जब दिल्ली में Oxygen की कमी थी, तब हेमंत सोरेन जी ने दिल्ली के 2.5 करोड़ लोगों के लिए Jharkhand से Oxygen भेजी थी।
उन्होंने आगे कहा ”नरेंद्र मोदी आदिवासी समाज से नफ़रत करते हैं।”Hemant Soren जी सिर्फ़ Jharkhand के ही बड़े नेता नहीं हैं, वो पूरे देश के आदिवासी समाज के सबसे बड़े नेता हैं।उन्हें किसी अदालत ने दोषी साबित नहीं किया लेकिन मोदी जी ने उन्हें जेल में डाल दिया।ये नरेंद्र मोदी की गुंडागर्दी है।ये (BJP) अब ख़ुद को भगवान से भी बड़ा समझने लग गये हैं।BJP के सबसे बड़े प्रवक्ता Sambit Patra ने कल कहा कि “भगवान जगन्नाथ मोदी के सबसे बड़े बड़े भक्त हैं।”इनके लिए मोदी जी भगवान जगन्नाथ से भी बड़े हो गये। ये काफ़ी पीड़ादायक बात है।इन्हें जनता सबक़ ज़रूर सिखायेगी।इस दुनिया में हम सभी को भगवान राम लाए हैं।ये नारा देते हैं कि ये (BJP) भगवान राम को लाए हैं।हम सभी का वजूद भगवान राम और भगवान जगन्नाथ की वजह से है।इस बार इनके ख़िलाफ़ बटन दबा कर इनका अहंकार तोड़ना है।25 मई – बीजेपी गई आदिवासी समाज के सबसे बड़े नेता Hemant Soren जी को जेल में डालकर नरेंद्र मोदी ने पूरे आदिवासी समाज को चुनौती दी है।उन्होंने आदिवासी समाज को ललकारा है कि जो करना है कर लो। तो इस बार जब 25 मई और 1 जून को वोट डालने जाओ तो EVM में इतना बटन दबाना कि उसकी आवाज मोदी जी के कानों में गूंज जाए।हमारे इष्ट देवता राम मंदिर का उद्घाटन हुआ। मंदिर का उद्घाटन राष्ट्रपति को करना चाहिए था, लेकिन वह आदिवासी हैं इसलिए उन्हें नहीं बुलाया। ये आदिवासी समाज का कितना बड़ा अपमान है।




