झारखंड हाईकोर्ट से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बड़ी राहत मिली है.चुनाव आचार सहिंता उल्लंघन मामले में जस्टिस एसके द्विवेदी की कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और निचली अदालत में चल रही कार्यवाही को निरस्त करने का आदेश दिया है.मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अधिवक्ता कौशिक सरखेल ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सीएम के खिलाफ दर्ज कराई गई प्राथमिकी नियम संगत नहीं है, इसके बाद अदालत ने हेमंत सोरेन के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने का आदेश दिया है.
इससे पहले सीएम हेमंत सोरेन के वकील ने 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन मामले में एमपी/एमएलए की विशेष अदालत ने MP-MLA कोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सशरीर हाजिर होने का आदेश दिया था.वहीं, मामले में सीएम ने HC में क्वैशिंग याचिका दायर की थी.बता दें कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव में वोट देने सीएम हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ रांची के हरमू स्थित संत फ्रांसिस स्कूल स्थित मतदान केंद्र गए थे. मतदान के समय सीएम ने अपने गले में अपने पार्टी का कपड़ा बांधा हुआ था. इस मामले को लेकर तब उस केंद्र में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी राकेश रंजन उरांव ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा के तहत हेमंत सोरेन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी.



