रांची : स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने आज रांची में दो दिवसीय बहुभाषी शिक्षा कॉन्क्लेव शुरू किया है, जो समावेशी और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील शिक्षा के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। कॉन्क्लेव का उद्घाटन मंत्री (उच्च और तकनीकी शिक्षा) सुदिव्य कुमार ने किया।उद्घाटन सत्र में श्री उमाशंकर सिंह (सचिव, DoSEL, झारखंड), श्री शशि रंजन (SPD, JEPC), श्री मनोज कुमार रंजन (निदेशक, प्राथमिक शिक्षा), डॉ. धीर झिंगरान (संस्थापक, LLF), डॉ. अविनाव कुमार (राज्य कार्यक्रम अधिकारी) श्रीमती पारुल शर्मा (शिक्षा विशेषज्ञ, UNICEF) के साथ-साथ आठ अलग-अलग राज्यों के शिक्षक, शिक्षाविद, विशेषज्ञ और नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।इस अवसर पर, मंत्री ने झारखंड की बहुभाषी शिक्षा पहल पलाश के तहत शिक्षण-अधिगम संसाधनों के विकास में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए शिक्षकों और छात्रों को सम्मानित किया। गणमान्य व्यक्तियों ने बहुभाषी शिक्षण और सीखने से संबंधित नवीन प्रथाओं और संसाधनों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी का भी दौरा किया।
बहुभाषी शिक्षा कॉन्क्लेव के हिस्से के तौर पर, बहुभाषी शिक्षा के अवसरों और चुनौतियों पर फोकस करते हुए पैनल डिस्कशन हुए, जिसमें श्रीमती पारुल शर्मा, प्रो. रामानुजन मेघनाथन, श्रीमती अनुभा राजेश और डॉ. महेंद्र मिश्रा जैसे जाने-माने राष्ट्रीय स्तर के शिक्षाविद और एक्सपर्ट शामिल हुए। शिक्षकों ने भी अपने ज़मीनी अनुभव शेयर किए।




