रांची। झारखंड की जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन एवं विकास को लेकर पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने सरकार से ठोस भाषा नीति, भाषा अकादमी की स्थापना, शिक्षकों के पद सृजन, बजटीय प्रावधान एवं झारखंडी भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने सहित विभिन्न मांगें रखीं।उन्होंने कहा कि झारखंडी भाषाएं हमारी सांस्कृतिक एवं सामाजिक पहचान की महत्वपूर्ण आधार हैं। इन्हें शिक्षा, शोध, रोजगार और प्रशासन से जोड़ते हुए दीर्घकालिक नीति बनाने की जरूरत है।इन मांगों को लेकर 9 अक्टूबर 2026 को मोराबादी स्थित बापू वाटिका से फिरायालाल-अल्बर्ट एक्का चौक होते हुए कोकर स्थित भगवान बिरसा मुंडा समाधि स्थल तक पारंपरिक रूप से भाषा यात्रा निकाली जाएगी।




