रांची :13 लाख की लू*ट और फा*यरिंग के सभी 8 अ*पराधी गि*रफ्तार

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ranchi police

रांची :दिनांक-30.12.2024 को आर्शीवाद आटा के मैनेजर बैंक में पैसा जमा करने के दौरान ओ०टी०सी० ग्राउण्ड के पास मैनेजर सुमित गुप्ता से हथियार के बल पर 13 लाख रूपया लूट किया गया था। और लूटपाट होते देख बगल में खड़ा स्टार होटल के मैनेजर सुमित कुमार के द्वारा अपराधियों को पकड़ने का प्रयास किया गया तो उसके उपर फायरिंग कर जख्मी कर दिया गया। जो वर्तमान में मेडिका में ईलाजरत है। मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने मामले में मुख्य अपराधी चन्द्रशेखर प्रसाद समेत 8 को गिरफ्तार किया है- राजेश श्रीवास्तव( उर्फ राजेश सिंह ) , चन्द्रशेखर प्रसाद सिन्हा , प्रकाश साव , साधना सिंह , पूनम देवी , करू सिंह , संतोष कुमार सिंह , नीलम देवी.आर्शीवाद आटा के मैनेजर जब गोदाम से 12:30 बजे करीब पैसा जमा करने के लिए आई०सी०आई०सी० बैंक ओ०टी०सी० ग्राउण्ड के पास पहुँचे तो पीछे से चन्द्रशेखर प्रसाद सिन्हा और राजेश श्रीवास्तव के द्वारा मैनेजर से मारपीट कर पैसा लूटने लगा तो बगल में स्टार होटल के मैनेजर सुमित कुमार के द्वारा लूटपाट को देखकर अपराधियों को पकड़ने लगा। इसपर चन्द्रशेखर प्रसाद सिन्हा के द्वारा उनके उपर फायरिंग किया गया। इसके बाद सभी अपराधी ओ०टी०सी० ग्राउण्ड के दाहिने मेयफेयर गली होते हुए झारखंड नर्सरी के पास बाईक छोड़कर ओरमांझी वृन्दावन होटल भाग गए. लूटपाट के बाद ये लोग स्कार्पियो में पुलिस बोर्ड लगाकर भागा था.सभी का तलाशी लेने पर चन्द्रशेखर प्रसाद सिन्हा के पास एक देशी पिस्टल जिस पर पाँच जिन्दा गोली लोडेड पाया गया। इसके बाद राजेश श्रीवास्तव के पास से एक 12 बोर का देशी कट्टा और चार जिन्दा गोली बरामद किया गया । इस घटना का मुख्य सरगाना चन्द्रशेखर प्रसाद के द्वारा योजना बनाया गया था। क्योकि चन्द्रशेखर पूर्व में आर्शीवाद आटा दुकान में काम भी करता था। इसलिए उसे पता था कि 2-3 दिन के बाद बैंक में पैसा जमा होता है। और सोमवार को ज्यादा पैसा जमा होता है। इसलिए ये लोग सोमवार को पैसा लूटने का योजना बनाये और रेकी किये।इस लूट के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक राँची के द्वारा काण्ड के उद्भेदन एवं अज्ञात अपराधियों का गिरफ्‌तार हेतु पुलिस अधीक्षक नगर के नियंत्रण में पुलिस उपाधीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में एक SIT टीम के गठन किया गया था।

इस लूट के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक राँची के द्वारा काण्ड के उद्भेदन एवं अज्ञात अपराधियों का गिरफ्‌तार हेतु पुलिस अधीक्षक नगर के नियंत्रण में पुलिस उपाधीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में एक SIT टीम के गठन किया गया था। इसके बाद टीम के द्वारा सभी बिन्दुओं पर गहराई से अनुसंधान करने पर एक अपराधी को फोटो के आधार पर पहचान किया गया। इसके बाद सी०सी०टी०वी० फूटेज के आधार पर बाकी अपराधियों का भी पहचान कर लिया गया। इसके बाद दिनांक-04.01.2025 को सूचना मिला की आर्शीवाद आटा के मैनेजर से लूटपाट और फायरिंग करने वाले अपराधी रिंगरोड से पिस्का मोड की ओर आ रहे हैं। इस सूचना पर ईटकी रोड दिपाटोली मोड़ के पास चेंकिग लगाया गया। इस पर एक होण्डा साईन बाईक पर सवार तीन व्यक्ति पुलिस को देखकर अचानक अपनी मोटर साईकिल को रोकर भागने का प्रयास करने लगा। इस पर तीनों को घेर का पकड़ लिया गया।इसके बाद सभी से नाम पता पूछने पर अपना नाम 1. राजेश श्रीवास्तव( उर्फ राजेश सिंह ) ,2. चन्द्रशेखर प्रसाद सिन्हा , 3. प्रकाश साव बताया।सभी का तलाशी लेने पर चन्द्रशेखर प्रसाद सिन्हा के पास एक देशी पिस्टल जिस पर पाँच जिन्दा गोली लोडेड पाया गया। इसके बाद राजेश श्रीवास्तव के पास से एक 12 बोर का देशी कट्टा और चार जिन्दा गोली बरामद किया गया । इन सभी से पूछताछ करने पर सभी ने बताया कि दिनांक 30.12.24 को अर्शीवाद आटा का मैनेजर से 13 लाख रूपया का लूट और फायरिंग का घटना इनके द्वारा ही किया गया था। इसके बाद सभी ने बताया कि इस घटना का मुख्य सरगाना चन्द्रशेखर प्रसाद के द्वारा योजना बनाया गया था। क्योकि चन्द्रशेखर पूर्व में आर्शीवाद आटा दुकान में काम भी करता था। इसलिए उसे पता था कि 2-3 दिन के बाद बैंक में पैसा जमा होता है। और सोमवार को ज्यादा पैसा जमा होता है। इसलिए ये लोग सोमवार को पैसा लूटने का योजना बनाये और रेकी किये। इसे पूर्व सोमवार (23. 12.24) को लूटने का योजना बनाया था और सभी लोग आर्शीवाद आटा गोदाम के पास आ गये थे. परन्तु उस दिन ये लोग लूट को अंजाम नहीं दे सका। इसके बाद फिर से अगला सोमवार को (30.12.24) को लोगों के द्वारा योजना अनुसार आर्शीवाद आटा के मैनेजर जब गोदाम से 12:30 बजे करीब पैसा जमा करने के लिए आई०सी०आई०सी० बैंक ओ०टी०सी० ग्राउण्ड के पास पहुँचे तो पीछे से चन्द्रशेखर प्रसाद सिन्हा और राजेश श्रीवास्तव के द्वारा मैनेजर से मारपीट कर पैसा लूटने लगा तो बगल में स्टार होटल के मैनेजर सुमित कुमार के द्वारा लूटपाट को देखकर अपराधियों को पकड़ने लगा। इसपर चन्द्रशेखर प्रसाद सिन्हा के द्वारा उनके उपर फायरिंग किया गया। इसके बाद सभी अपराधी ओ०टी०सी० ग्राउण्ड के दाहिने मेयफेयर गली होते हुए झारखंड नर्सरी के पास बाईक छोड़कर ओरमांझी वृन्दावन होटल भाग गए. लूटपाट के बाद ये लोग स्कार्पियो में पुलिस बोर्ड लगाकर भागा था.

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