बकाये के लिए सीएम ने केंद्र सरकार को लिखा पत्र, कहा हक माँगो तो जेल डाल देते हैं, पर हर क़ुर्बानी मंजूर है

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hemant soren

रांची : झारखंडियों का हक माँगो तो जेल डाल देते हैं, पर अपने हक़ के लिए हर क़ुर्बानी मंजूर है।हम भाजपा के सहयोगी राज्यों की तरह स्पेशल स्टेटस नहीं माँग रहे, नाहीं हम कुछ राज्यों की तरह केंद्रीय बजट का बड़ा हिस्सा माँग रहे हैं – हमें बस हमारा हक़ दे दीजिए, यही माँग है।हमारी माँग सिर्फ न्याय की है, विशेषाधिकार की नहीं। झारखंड के लोगों ने अपने राज्य के लिए लंबा संघर्ष किया है, और अब हम चाहते हैं कि हमारे संसाधनों एवं अधिकारों का उचित उपयोग हो।हम अपने बकाये के 1 लाख 36 हज़ार करोड़ से झारखंड को विकास के नए पथ पर ले जाएँगे – ऐसा विकास जो हमारे पर्यावरण, आदिवासी/मूलवासी एवं हर एक झारखंडी समुदायों के हितों की रक्षा करे। हम शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करेंगे, ताकि हमारे बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो सके। हम अपनी भाषा और संस्कृति का और बेहतर संरक्षण करेंगे, ताकि हमारी पहचान बनी रहे साथ ही हम हमारे युवाओं को रोजगार के नए आयाम उपलब्ध करायेंगे – और उसके आभाव में उन्हें उचित भत्ता देंगे।हमारे हक पर, हमारे पैसों पर केंद्र सरकार जल्द फैसला ले एवं झारखंड के विकास में बाधा न बने, बल्कि सहयोगी बने। हम अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे, चाहे इसके लिए कितनी भी कठिनाइयों का सामना करना पड़े। झारखंड की धरती पर जन्मे हर व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह अपने राज्य के हितों की रक्षा करे और हम एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएँगे, लड़ेंगे और अपना हक अपने पुरखों की तरह ले कर रहेंगे।

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