हूल दिवस के अवसर पर रांची के सिदो कान्हू पार्क में झारखंड विधानसभा के अमर बाउरी ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें शत शत नमन किया। अमर बाउरी ने कहा कि 1855 में संथाल परगना में हूल क्रांति का आगाज हुआ था तो इस क्रांति में लगभग 1000आदिवासियों ने अपनी जान गवाई थी .उसके बाद आजादी के लिए पहली क्रांति 1857 में की गयी। उनके आगे उन्होंने कहा की जब से क्रांति की सुरबाद हुए थे तब से अंग्रेजों को भगाने की योजना बनी थी। 30 जून 1855 को क्रांति की शुरुवात हुए थी इसलिए इस दिन से ही हूल दिवस मनाया जाता है।इस दिन महान क्रांतिकारियों को नमन किया जाता है।




